हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद की चुनौतियों के बारे में धनखड़ ने कहा कि चुनौतियों के बिना किसी काम को करने में मजा नहीं आएगा। चुनौतियां ही अवसर में बदलती हैं। इसलिए जीवन में चुनौती आवश्यक है। चुनौती न हो तो भला वीडियो गेम खेलने में मजा आएगा क्या।
लाबिंग जैसा शब्द भाजपा में नहीं चलता
यह पूछने पर कि आपने भी प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए लांबिंग का सहारा लिया क्या। उन्होंने कहा कि मेरा अनुभव अलग है। मुझे जितने भी दायित्व मिले हैं। मैने अपना काम किया है। मैने किसी एक व्यक्ति को नहीं कहा कि मुझे पद चाहिए। यह भाजपा है यहां लाबिंग शब्द के लिए जगह नहीं है।
नवनियुक्त भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धनखड़ ने 1978 से की थी राजनीतिक शुरूआत, कुछ ऐसा रहा करियर
आज कल शिव का भैरव विज्ञान पढ़ रहा हूं
आज कल सुबह आठ किलोमीटर साइकिल चलाता हूं उसके बाद शिव का भैरव विज्ञान पढ़ता हूं। इसमें भगवान शिव ने पार्वती को वास्तिवक अध्यात्म बताया है। अब चिंतन का समय आ गया है। चिंतन के माध्यम से रणनीति बनाकर नए रण में उतरूंगा।
गठबंधन सरकार में संगठन की भूमिका पर धनखड़ ने कहा कि सरकार भले ही गठबंधन की हो संगठन की अपनी जगह है। साझा सरकार में एक दूसरे का आदर सम्मान करना होता है। भाजपा जजपा कार्यकर्ता इसे बखूबी निभा रहे हैं।
बरोदा चुनाव जीत कर दम लेंगे
बरोदा चुनाव को लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा है। धनखड़ इस चुनाव में भाजपा की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। उनका कहना है कि बरोदा में विकास थम गया है। उन्हें विकास चाहिए, ऐसे में बरोदा के लोग सरकार के साथ जाना पसंद करेंगे। हम बरोदा चुनाव जीत कर रहेंगे।