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भाजपा हरियाणा के नए प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ ने सांझा किए अनुभव, पढ़ें विशेष बातचीत

Tue, 21 Jul 2020 11:52 AM IST
खुशबू गोयल प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़

सार

  • बोले- जीवन की चुनौतियों को अवसर में बदलना जरूरी
  • एक जिम्मेदारी बेटे का जन्म होने पर बढ़ी थी, दूसरी आज महसूस हुई
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जेपी नड्डा के साथ ओम प्रकाश धनखड़ - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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भाजपा हरियाणा के नए प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ अब संगठन को मजबूती प्रदान कर अपने काम का श्रेष्ठ देने का प्रयास करेंगे। चुनौतियों को जीवन का अंग मानने वाले धनखड़ अपनी नियुक्ति को एक जिम्मेदारी के तौर पर मानते हैं। यहां अपने अनुभव को साझा करते हुए धनखड़ ने कहा कि एक जिम्मेदारी तब बढ़ी थी जब पुत्र आदित्य का जन्म हुआ था। एक आज बढ़ी है जब संगठन की जिम्मेदारी मिली है।
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उस दौर के किस्से को अपने आज से जोड़ते हुए धनखड़ ने बताया कि 1992 की बात है। मुंबई में आवश्यक बैठक थी। मैने प्रांत प्रचारक जी से पूछा कि श्रीमती जी की डिलीवरी होने को है, मैं बैठक में जाऊं क्या, तो वे बोले कि हमारे तो इतने बच्चे हुए हम तो एक के समय भी नहीं थे। फिर मैं मुंबई बैठक के लिए निकल गया। बैठक के दौरान दोपहर को विश्राम का समय मिला तो सो गया। उस समय मोबाइल का चलन नहीं था।
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पार्टी अफिस में फोन गया तो महाराष्ट्र भाजपा के बड़े नेता चंद्रकांत दादा पाटिल पेड़े लेकर आए और बोले उठो एक जिम्मेदारी बढ़ गई है। आज भी ऐसा ही महसूस हो रहा है कि एक और जिम्मेदारी बढ़ गई है।

वीडियो गेम में चुनौती न हो तो भला कोई क्यों खेलेगा

हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद की चुनौतियों के बारे में धनखड़ ने कहा कि चुनौतियों के बिना किसी काम को करने में मजा नहीं आएगा। चुनौतियां ही अवसर में बदलती हैं। इसलिए जीवन में चुनौती आवश्यक है। चुनौती न हो तो भला वीडियो गेम खेलने में मजा आएगा क्या।

लाबिंग जैसा शब्द भाजपा में नहीं चलता
यह पूछने पर कि आपने भी प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए लांबिंग का सहारा लिया क्या। उन्होंने कहा कि मेरा अनुभव अलग है। मुझे जितने भी दायित्व मिले हैं। मैने अपना काम किया है। मैने किसी एक व्यक्ति को नहीं कहा कि मुझे पद चाहिए। यह भाजपा है यहां लाबिंग शब्द के लिए जगह नहीं है।

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आज कल शिव का भैरव विज्ञान पढ़ रहा हूं
आज कल सुबह आठ किलोमीटर साइकिल चलाता हूं उसके बाद शिव का भैरव विज्ञान पढ़ता हूं। इसमें भगवान शिव ने पार्वती को वास्तिवक अध्यात्म बताया है। अब चिंतन का समय आ गया है। चिंतन के माध्यम से रणनीति बनाकर नए रण में उतरूंगा।
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सरकार भले ही गठबंधन की हो संगठन की अपनी जगह

गठबंधन सरकार में संगठन की भूमिका पर धनखड़ ने कहा कि सरकार भले ही गठबंधन की हो संगठन की अपनी जगह है। साझा सरकार में एक दूसरे का आदर सम्मान करना होता है। भाजपा जजपा कार्यकर्ता इसे बखूबी निभा रहे हैं।

बरोदा चुनाव जीत कर दम लेंगे
बरोदा चुनाव को लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा है। धनखड़ इस चुनाव में भाजपा की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। उनका कहना है कि बरोदा में विकास थम गया है। उन्हें विकास चाहिए, ऐसे में बरोदा के लोग सरकार के साथ जाना पसंद करेंगे। हम बरोदा चुनाव जीत कर रहेंगे।
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