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Whatsapp पर भाजपा की लिस्ट वायरल

Thu, 04 Sep 2014 01:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सूत्रों के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष राम बिलास शर्मा का नाम महेंद्रगढ़ से, पार्टी की सह प्रवक्ता संतोष यादव अटेली से, कैप्टन अभिमन्यु नारनौंद से, ओमप्रकाश धनखड़ बादली से, भाजपा के मौजूदा तीनों विधायक सोनीपत से कविता जैन, अंबाला से अनिल विज व भिवानी से घनश्याम शर्राफ के नाम तय हैं। संघ की पंसद मनोहरलाल खट्टर को विरोध के बावजूद करनाल भेजा जा रहा है।
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वहीं, दूसरे दलों से आए नेताओं की बात करें तो इसराना से कृष्णलाल पंवार, गुहला चीका से फूल सिंह खेड़ी, पुंडरी से सुलतान जड़ौला, उचाना से बीरेंद्र सिंह, बावल से एमएल रंगा, छत्रपाल सिंह को बरवाला, पूर्व सांसद जितेंद्र मलिक को गन्नौर, राजकुमार वाल्मीकि को नीलोखेड़ी व कृष्णा गहलोत को राई विधानसभा से टिकट देना संभावित है।

इसके अलावा जगाधरी से कंवरपाल, रोहतक से मनीष ग्रोवर, टोहाना से सुभाष बराला, पलवल से दीपक मंगला, हथीन से हर्ष कुमार, रानियां से जगदीश नेहरा, साढौरा से बलवंत सिंह, गुड़गांव से राव नरवीर सिंह, बादशाहपुर से सुधा यादव, यमुना नगर से रोजी मलिक, पटौदी से सुनीता दुग्गल, हिसार से सुभाष चंद्रा, बड़खल से सीमा त्रिखा, सिरसा से सुमन सेतिया, हांसी से कर्नल वत्स का नाम चल रहा है।
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दूसरी लिस्ट पर चल रही माथापच्ची

टिकट वितरण को लेकर इनेलो में मची भगदड़ को गंभीरता से लेते हुए भाजपा ने पहली सूची में बिना विरोध वाली सीटें शामिल की हैं। बड़ा विवाद दूसरी लिस्ट पर है। टिकट कटने पर नेताओं को बागी होने से रोकने के लिए अभी से किलेबंदी शुरू हो गई हैं। दूसरी सूची के लिए काफी माथापच्ची चल रही है।

इसमें एक अड़चन आ रही है, भाजपा में अन्या पार्टियों से आए नेताओं को किस प्रकार समायोजित किया जाए। इसके लिए पार्टी के पुराने और सक्रिया कार्यकर्ताओं की अनदेखी करना भी पार्टी पर भारी पड़ सकता है। अगर उनकी अनदेखी की जाती है तो मुसीबत खड़ी हो सकती है और वे बागी उम्मीदवार बनकर मैदान में खड़े हो सकते हैं।

इसी स्थिति को टालने के लिए उम्मीदवारों के नाम पर गहन मंथन चल रहा है। सूत्रो के अनुसार, एक बात पर पार्टी साफ जोर दे रही है कि चाहे कोई भी नाराज क्यों न हो, मगर पार्टी जीतने वाले और जनाधार वाले उम्मीदवार को ही टिकट देगी। मिशन 60 के मद्देनजर ही उम्मीदवारों का चयन किया गया है।
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