मतदान की तारीख आगे बढ़ने के साथ भाजपा उम्मीदवारों की सूची जारी करने में थोड़ा समय और लेगी। भाजपा उम्मीदवारों की सूची जारी होने में अभी दो दिन और लग सकते हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हरियाणा भाजपा के कोर ग्रुप के साथ टिकटों के मंथन में जुटा है।
रविवार रात भी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के आवास पर बाकी बची सीटों पर प्रत्याशियों के नाम पर मंथन किया गया। बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली भी मौजूद रहे। इससे पहले केंद्रीय समिति की बैठक में 55 सीटों पर सहमति बन चुकी है।
हरियाणा कोर ग्रुप व प्रभारी के बीच प्रत्याशियों के नाम पर सहमति बनने के बाद केंद्रीय नेतृत्व इस सूची की समीक्षा करेगा और उसके बाद अंतिम मुहर लगाई जाएगी। वहीं, भाजपा के एक नेता का कहना है कि पार्टी कांग्रेस की सूची के इंतजार में है। कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद ही पार्टी अपनी सूची जारी करेगी।
पार्टी जिताऊ उम्मीदवार के साथ हर विधानसभा क्षेत्र के जातीय समीकरणों को भी परख रही है। बीते लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने देरी से टिकट जारी कर भाजपा को जातीय समीकरण के भंवर में फंसा दिया था। भाजपा की केंद्रीय समिति की बैठक के बाद पहली सूची जारी न होने के पीछे एक कारण यह भी है कि कुछ सीटों पर पार्टी जबरदस्त सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रही है।
इसे कम करने के लिए पार्टी दूसरे उम्मीदवारों पर मंथन कर रही है। उम्मीदवारों के बदलने से भी सूची जारी होने में देरी हो रही है। साथ ही उम्मीदवारों के एलान के बाद किसी भी तरह की गुटबाजी व विरोध को को रोकने के लिए भी सूची जारी करने में देरी की जा रही है।
पार्टी नेतृत्व को डर है कि यदि किसी बड़े नाम को मौका नहीं मिलता है तो वह कांग्रेस या अन्य विरोधी खेमे में जाकर पार्टी उम्मीदवार का खेल न बिगाड़ दे।
शुरू हो गई है बगावत
उम्मीदवारी की घोषणा से पहले भाजपा में बगावत के संकेत मिलने लगे हैं। पूर्व मंत्री राव नरबीर ने रविवार को दावा किया कि वह बादशाहपुर से ही चुनाव लड़ेंगे। भाजपा टिकट नहीं देती है तो कांग्रेस से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि वह पहले भी इस तरह की बयान देते रहे हैं। वहीं, रतिया से पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल के चुनाव लड़ने की संभावना से विधायक लक्ष्मण नापा ने भी अंदरखाते नाराजगी जाहिर की है।
भाजपा में शामिल होने के बाद जजपा के बागी विधायकों के नाम भी उम्मीदवारों की सूची में शामिल हो गए हैं। नारनौंद के विधायक रामकुमार गौतम भी भाजपा से टिकट मांग रहे हैं। जबकि नारनौंद से भाजपा के कैप्टन अभिमन्यु काफी दिनों से मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में टिकट देकर सभी को संतुष्ट कर पाना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा।