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विदेश जाने की ललक: पंजाब में हर घंटे में बन रहे 130 पासपोर्ट, किसी भी तरह बाहर जाना चाहते हैं युवा

Sun, 01 Sep 2024 10:37 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

हाल ही में कनाडा सरकार ने साफ किया है कि जो भी दूसरे देशों छात्र कनाडा में पढ़ने आते हैं, जरूरी नहीं कि उन्हें कनाडा की पीआर या नागरिकता मिल ही जाएगी। इसके बावजूद पंजाबियों में कनाडा जाने का क्रेज बढ़ता जा रहा है। यह भी सच है कि कनाडा में दूसरे देशों के छात्रों की बढ़ती संख्या के कारण वहां रोजगार व आवास की एक बड़ी समस्या पैदा हो गई है।
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passport new - फोटो : istock
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विस्तार
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पंजाब के छात्रों का तेजी से विदेशी धरती पर पलायन जारी है। सरकारें चाहे कुछ भी कहें, लेकिन पंजाब से पंजाबियों की विदेश जाने की ललक कम नहीं हो रही है। 
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पंजाब से विदेश जाने की ललक इस कदर हावी है कि पंजाब में हर घंटे लगभग 130 पासपोर्ट बन रहे हैं। इनमें से ज्यादातर उन छात्रों के हैं जो कनाडा व अन्य देशों में पढ़ाई करके वहीं सेट होना चाहते हैं।

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2023 में जारी किए 11.94 लाख पासपोर्ट

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023 में पंजाब में 11.94 लाख पासपोर्ट जारी किए गए हैं, जबकि 2024 के पहले 6 महीनों यानि कि जनवरी से जून तक पंजाब में 5.82 लाख पासपोर्ट बनाए गए हैं। अगर 1 जनवरी 2014 से जून 2024 यानि लगभग साढ़े दस वर्ष की बात करें तो इस दौरान पंजाब में 87.02 लाख पासपोर्ट बनाए गए है। साल 2023 में पंजाब में हर दिन औसतन 3271 पासपोर्ट बने हैं। इस लिहाज से पंजाब में हर घंटे 130 से ज्यादा पासपोर्ट बन रहे हैं व हर महीने एक लाख से ज्यादा पासपोर्ट बनते हैं।

इकलौते बेटा-बेटी भी छोड़ रहे देश

विदेश में जाने व वहां पर बसने का क्रेज युवाओं पर इस कदर हावी है कि युवा किसी भी तरह कनाडा व अन्य देशों में रहना चाहते हैं। विदेशों के सख्त कानून भी पंजाबियों को रोक नहीं पा रहे हैं। हालात यह हैं कि किसी परिवार का इकलौता बेटा या बेटी भी विदेश की चकाचौंध को देख विदेश जा रहे हैं व वहीं बस रहे हैं। उनके माता-पिता अकेले ही पंजाब में जिदंगी व्यतीत कर रहे हैं। पंजाबियों के विदेश जाने के कारण पंजाब में नौजवानों की संख्या लगातार कम हो रही हैं। पंजाब के काफी शहरों व गांवों के इलाकों में अब सिर्फ बुजुर्ग ही रह गए हैं। केंद्रीय विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 9 साल में पंजाब के लगभग 28 हजार वासियों ने देश की नागरिकता छोड़ दी है।
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