भाजपा को 13 सीटों का हुआ नुकसान
जिन निकायों के बुधवार को नतीजे आए, इनमें से 35 पर भाजपा काबिज थी। अभी भाजपा के 22 उम्मीदवार ही चेयरमैन पद का चुनाव जीत पाए हैं। ऐसे में अकेले भाजपा को 13 सीटों का नुकसान हुआ है।
नगरपालिकाओं व नगर परिषदों के चेयरमैन पद पर भाजपा-जजपा उम्मीदवारों की जीत सरकार की नीतियों पर जनता की मुहर है। जनता ने वर्ष 2014 व 2019 से अब तक लगातार वर्तमान राज्य सरकार और भाजपा की विचारधारा के प्रति जो विश्वास दर्शाया है, यह उसी की जीत है। अब पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। उम्मीद है कि प्रदेश की जनता इसी प्रकार हमारी विचारधारा, नीति व कार्यक्रमों के अनुरूप ऐसे ही परिणाम देगी। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री
निकाय चुनाव में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन की स्पष्ट जीत हुई है। जनता ने कांग्रेस को आइना दिखाया है। जेजेपी का वोट शेयर काफी बढ़ा है। चुनाव निशान पर लड़ी जजपा को आठ सीटों पर 24.62 प्रतिशत वोट मिले हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ की चार सीटें महम, झज्जर, बहादुरगढ़, गोहाना में गठबंधन की जीत हुई है। मेवात जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं और यहां तीनों सीटों पर गठबंधन विजयी हुआ। पलवल और होडल क्षेत्र में भी गठबंधन जीता। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के कैथल और नरवाना में उम्मीदवार थे, यहां पर भी कांग्रेसियों को हार मिली। - दुष्यंत चौटाला, उपमुख्यमंत्री
19 सीटों पर आजाद उम्मीदवार जीते हैं और 30 सीटों पर करीबी मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहे। आजाद उम्मीदवारों ने शहरों में भाजपा को मिले 26.3 प्रतिशत वोट के मुकाबले दोगुने यानी 52.2 प्रतिशत वोट हासिल किए। इससे लगता है शहरी जनता ने भाजपा-जजपा को पूरी तरह नकार दिया है। कांग्रेस इस चुनाव से अलग रही लेकिन पार्टी के स्थानीय नेताओं ने अपने-अपने इलाके में निर्दलीय उम्मीदवार को अपना समर्थन दिया था। - भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष
आप का खाता खुला पर बड़ा करिश्मा नहीं कर पाई
पंजाब विधानसभा में एकतरफा जीत के बाद हरियाणा निकाय चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी का सिर्फ एक उम्मीदवार जीता है। कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद नगरपालिका से निशा ने चेयरमैन पद पर जीत दर्जकर पार्टी का खाता खोला। घरौंडा, पिहोवा और कुंडली नगर पालिका में आप के उम्मीदवारों ने भाजपा उम्मीदवारों को कांटे की टक्कर दी। आप के उम्मीदवार चार स्थानों पर तीसरे और 17 स्थानों पर चौथे स्थान पर रहे हैं। निकाय चुनावों के जरिय आदमी पार्टी 2024 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर माहौल बनाने की तैयारी में थी। लेकिन कुल वोटों में से सिर्फ 10 फीसदी वोट ही मिले।