पंचकूला के बरवाला में पोल्ट्री फार्म।
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हरियाणा के बरवाला में पिछले कुछ दिन में करीब चार लाख मुर्गियां मरने से पोल्ट्री फार्म संचालकों को बड़ा नुकसान हो गया है। कोरोना काल में यहां कई पोल्ट्री फार्म बंद हो गए थे। अब बर्ड फ्लू की दहशत फैली हुई है। फिलहाल क्षेत्र में अंडों की कीमतों में कमी नहीं आई है, पर प्रोडक्शन पर इसका असर नजर आने लगा है। कई पोल्ट्री फार्म एकदम खाली हो गए हैं।
पंचकूला में प्रतिदिन औसतन पांच करोड़ रुपये का कारोबार होता है। वर्तमान में उत्पादन में दस फीसदी तक का अंतर आया है। मुसीबत उन फार्म मालिकों की ज्यादा है, जहां मुर्गियां कम थीं और अधिकतर की मौत हो गई है। गौरतलब है कि बरवाला और रायपुररानी बेल्ट में कोरोना काल के पहले करीब 135 पोल्ट्री फार्म थे।
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यहां औसतन आठ करोड़ रुपये का कारोबार प्रतिदिन का था। कोरोना काल के बाद यहां के चालीस से ज्यादा पोल्ट्री फार्म बंद हो गए। अब सिर्फ 90 पोल्ट्री फार्म ही बचे हैं। इसमें कई पोल्ट्री फार्म हैं, जिसकी क्षमता 50 हजार अंडे प्रतिदिन की है। कुछ में तीन से चार लाख अंडों का प्रतिदिन का उत्पादन है।
कुछ पोल्ट्री फार्म मालिकों का कहना है कि मुर्गियों की मौत से नुकसान तो हुआ है पर कई फार्म ऐसे हैं जिसमें एक भी मुर्गी नहीं मरी है। अंडों के कारोबार पर अभी ज्यादा असर नहीं है। सैंपल की रिपोर्ट काफी कुछ तय करेगी। पोल्ट्री फार्म मालिकों का कहना है कि वे मुर्गियों के रख रखाव में एहतियात बरत रहे हैं।
पंचकूला से नार्थ ईस्ट तक होती है अंडे की सप्लाई
पंचकूला के पोल्ट्री फार्म क्षेत्र से अंडों की सप्लाई जम्मू-कश्मीर से लेकर नार्थ-ईस्ट तक होती है। यह क्षेत्र अंडों की सप्लाई में एशिया में दूसरे नंबर पर है।
बरवाला-रायपुररानी पोल्ट्री बेल्ट में कई पोल्ट्री फार्म कोरोना काल में बंद हो गए। अब 90 बचे हैं। इससे 80 लाख अंडे पूरे देश में सप्लाई होते हैं। कोरोना में पोल्ट्री फार्म मालिकों का नुकसान हुआ और अब मुर्गियों की मौत से बड़ा नुकसान हुआ है। - दर्शन सिंगला, अध्यक्ष, पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन
एक नजर
- पंचकूला में कुल पोल्ट्री फार्म : 90
- जिले में कुल बर्ड की संख्या : 90 लाख
- पोल्ट्री फार्म की प्रोडक्शन : 70 लाख अंडे, एक अंडे की औसत कीमत पांच रुपये
- प्रतिदिन औसतन टर्नओवर : पांच करोड़ रुपये