हरियाणा में 15 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ता सरकार का 4959 करोड़ से अधिक बकाया दबाए बैठे हैं। इन डिफाल्टर बिजली उपभोक्ताओं में सबसे ज्यादा ग्रामीण उपभोक्ता शामिल हैं। जबकि डिफाल्टरों की सूची में प्रदेश के सरकारी विभाग भी पीछे नहीं है। इसके अलावा बिजली महकमे ने बकाया बिल सेटलमेंट स्कीम के तहत 4623 करोड़ रुपये डिफाल्टरों से रिकवर भी किए हैं। यह खुलासा हरियाणा बिजली महकमे की एक रिपोर्ट में हुआ है। हरियाणा में लंबे समय से विभिन्न वर्गों के बिजली उपभोक्ताओं ने बिजली बिल नहीं चुकाया है।
बिजली निगमों की ओर से इन उपभोक्ताओं से कई बार बकाया बिल अदा करने की अपील भी की जा चुकी है, मगर उसके बावजूद प्रदेश में बीते अगस्त तक 1558232 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने बिजली बिलों के रूप में सरकार का 4959.61 करोड़ रुपया दबाया हुआ है। इन डिफाल्टर उपभोक्ताओं में कुल 1075390 कनेक्टेड डिफाल्टर (जिनके बिजली कनेक्शन अभी चालू हैं) हैं, जिन पर कुल 3306.7 करोड़ बकाया है। जबकि 482842 डिसकनेक्टेड ( जिनके बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं) डिफाल्टर ऐसे हैं, जिन्हें बिजली बिल का कुल 1652.9 करोड़ रुपये बकाया देना है।
विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों पर कुल बकाया यदि देखें तो शहरी घरेलू उपभोक्ताओं ने सरकार का 593.37 करोड़, ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं ने 2779.66 करोड़, कृषि उपभोक्ताओं ने 177.73 करोड़, गैर घरेलू उपभोक्ताओं (कामर्शियल) ने 487.98 करोड़, इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं ने 572.96 करोड़ व सरकारी विभाग उपभोक्ताओं ने 347.91 करोड़ रुपये बकाया देने हैं।