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टेरर फंडिंग रोकने के लिए बड़ा कदम, केंद्र और पंजाब की खुफिया एजेंसियों ने मिलाया हाथ

Thu, 21 Nov 2019 12:17 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : ANI
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पंजाब में आतंकी गुटों की विदेशी टेरर-फंडिंग रोकने के उद्देश्य से केंद्र और पंजाब की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने हाथ मिला लिया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू-आईएनडी) अब पंजाब पुलिस को आतंकियों तक विदेशी खातों के जरिये पैसा पहुंचने के मामलों को हल करने में मदद करेगी।

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यह फैसला बुधवार को मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस मुख्यालय में फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा आयोजित क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस के दौरान एंटी मनी लॉड्रिंग एंड काउंटरिंग फाइनेंशिंग ऑफ टेरोरिजम (एएमएल/सीएफटी) के मुद्दे पर खुलकर विचार विमर्श किया गया। एआईयू-आईएनडी और पंजाब पुलिस, अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से टेरर फाइनेंसिंग में वित्तीय खुफिया जानकारी सुनिश्चित करने के अलावा, अपराध और आतंक के वित्त पोषण में प्रौद्योगिकी की चुनौती से निपटने के लिए समन्वय करेंगी। 

सम्मेलन में विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के बीच तालमेल बनाने पर विचार-विमर्श किया गया ताकि प्रभावी रूप से आतंक और नए-पुराने अपराधों से निपटा जा सके। इस बात पर भी ध्यान केंद्रित किया गया कि उभरते आतंकवादी खतरों और आतंक के वित्त पोषण को ध्यान में रखते हुए रिस्पांस तंत्र को मजबूत किया जाए। सम्मेलन का उद्देश्य, इसमें भाग लेने वाली एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग के लिए सर्वोत्तम तरीकों और क्षेत्रों को साझा करने के अवसरों की खोज करना था। 

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सम्मेलन में क्षेत्रीय और केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईओ) के विभिन्न पुलिस संगठनों के 65 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एलईओ एजेंसियों और एआईयू-आईएनडी द्वारा वित्तीय आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध के खतरों से निपटने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण बनाना और अपनी साझेदारी को मजबूत करना था।

पंजाब के डीजीपी खुफिया वीके भावरा ने आतंकवाद से लड़ने के लिए राज्य की प्रतिबद्धता व्यक्त की और लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के आगमन के साथ, जांच प्रक्रिया अधिक जटिल हो गई है, जिसने राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सहयोग और समन्वय को प्रोत्साहित करना बहुत महत्वपूर्ण है। 

अहम आतंकी मामलों, आतंकियों की फंडिंग और कुछ अन्य आर्थिक अपराधों को हल करने के लिए टारगेटिड इंटेलिजेंस प्रदान करने में एफआईयू-आईएनडी की भूमिका का उल्लेख करते हुए भावरा ने मनी लांड्रिंग और वित्तीय आतंकवाद के मामलों को रोकने और जांच करने के लिए एनआईए और एफआईयू-आईएनडी के बीच एक मजबूत प्रणाली स्थापित करने पर जोर दिया। 

उन्होंने एफआईयू के प्रयासों की सराहना की, जिसने 2009 से आतंकवादी संगठनों का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई और एफआईयू-आईएनडी के साथ इसके शानदार तालमेल की भी सराहना की। इस मौके पर एफआईयू-आईएनडी के अधिकारियों ने भी विभिन्न सत्रों के दौरान टेरर फंडिंग आदि के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।
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