शगुन वाले दिन गुरतेज को लड्डू खिलाती मां।
तुरंत वह उन्हें जीरकपुर के निजी अस्पताल ले गया, जहां पर उसके भाई गुरतेज को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं उसके दो दोस्तों मंजीत और प्रवीण को हालत नाजुक होने पर चंडीगढ़ के जीएमसीएच में रेफर कर दिया। वहां की इमरजेंसी में जैसे ही वे पहुंचे तो वहां के डॉक्टरों ने मंजीत को चंडीगढ़ पीजीआइ रेफर कर दिया। जहां उसका उपचार चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं जीएमसीएच में दाखिल प्रवीण की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
शगुन की रस्मों के बाद दोस्तों के साथ घर से निकला, अगले दिन चार कंधों पर लौटा
शगुन की रस्म होने के बाद रात करीब 12 बजे गुरतेज घर से बाहर अपने दोस्तों के साथ आल्टो कार में घूमने के लिए निकला। उस समय गाड़ी मंजीत चला रहा था। गुरतेज उसकी बगल वाली सीट पर बैठा था और प्रवीण पीछे की सीट पर बैठा था।
रामपुर से वापस आते समय छतबीड़ जू के पास एक तेज रफ्तार ट्रक (नं. एचआर-57-5891) ने गाड़ी को टक्कर मार दी जिससे गुरतेज की मौके पर ही मौत हो गई। घर में गुरतेज के अलावा उसका एक बड़ा भाई और बड़ी बहन हैं जो शादीशुदा हैं। जीरकपुर पुलिस ने मृतक के भाई गुरप्रीत सिंह पुत्र स्व. जरनैल सिंह के बयान पर ट्रक के अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।