मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब से नशे का सफाया कर दिए जाने का लगातार दावा कर रहे हैं लेकिन तस्करों की धरपकड़ के बाद भी राज्य में नशे की आमद और नशाखोरी बदस्तूर जारी है। नई दिल्ली में जारी नशे की तस्करी से मुकाबला विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान सूबे में नशे के सनसनीखेज आंकड़े सामने आए हैं।
सेहत विभाग द्वारा पिछले महीने जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि एक साल में करीब 80 हजार नए नशेड़ियों के केस सामने आए हैं, जो हेरोइन का सेवन करने के आदी हो गए हैं। इस तरह औसतन 215 नए लोग हर रोज नशाखोरी की गर्त में उतर रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक साल में 2.09 लाख नए नशेड़ी अफीम, भुक्की या कोई अन्य नशा कर रहे हैं, वे भी इलाज के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। जनवरी से दिसंबर 2019 के दौरान हेरोइन का सेवन करने वालों की संख्या में 35 फीसदी इजाफा हुआ है। रिकार्ड के अनुसार, जनवरी 2019 में जहां हेरोइन के 5439 नए मामले सामने आए थे, दिसंबर 2019 में यह संख्या बढ़कर 8230 तक पहुंच गई। वहीं, बीते साल पुलिस द्वारा 4700 छोटे-बड़े नशा तस्करों को पकड़ा गया है। इसका आशय है कि राज्य सरकार और पंजाब पुलिस के दावों के बावजूद पंजाब में हेरोइन की सप्लाई जारी है।
दरअसल, हेरोइन की सप्लाई पाकिस्तान सीमा के रास्ते, अफगानिस्तान से हिमाचल और दिल्ली के रास्ते होने के मामले सामने आते रहे हैं। नशे की रोकथाम के लिए एसआईटी का गठन किए जाने के बाद पूरे राज्य में नशा तस्करों की धरपकड़ में तेजी लाई गई थी। कैप्टन सरकार के गठन के बाद 2017 में नशे की बिक्री में कमी आई थी लेकिन सेहत विभाग के आंकड़ों से साफ हो गया है कि हेरोइन जैसा नशा राज्य में अब भी पहुंच रहा है।
चार साल में 47 हजार नशा तस्कर पकड़े गए
खास बात यह है कि देश के मुकाबले इस राज्य में नशे की बरामदगी और नशा तस्करों की गिरफ्तारी सबसे ज्यादा हुई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2015-2018 तक सूबे में भारी मात्रा में गांजा, हेरोइन, अफीम, भुक्की और नशे की गोलियां बरामद की गईं। बरामदगी में पंजाब का स्थान यूपी और राजस्थान से भी आगे है। चार साल में पंजाब में हेरोइन 1884 किलो, गांजा 5414 किलो, अफीम 1670 किलो, नशे की 1 करोड़ 58 लाख गोलियां पकड़ी गईं जबकि इस अवधि में 46909 लोगों को गिरफ्तार किया गया।