पुलिस हिरासत में पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य
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जाट आरक्षण के संबंध में भड़काऊ भाषण देने के आरोपों को लेकर चर्चा में रहे छछरौली के पूर्व विधायक रोशनलाल आर्य को राहत देते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि आर्य की गिरफ्तारी से पहले उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाए।
सीएलयू के नाम पर दिल्ली निवासी एक व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी के आरोप में रिमांड पर चल रहे आर्य को शनिवार को मेवात ले जाया गया। आर्य के खिलाफ वहां फिरोजपुर झिरका में भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज है। उनके खिलाफ रेवाड़ी, कैथल और यमुनानगर में भी मामले दर्ज किए गए हैं।
रोशनलाल के वकील की ओर से शनिवार को हाईकोर्ट में उनकी गिरफ्तारी को लेकर पिटीशन दायर की गई थी। कोर्ट ने आर्य को ब्लैंकेट बेल देते हुए पुलिस को भविष्य में उनकी गिरफ्तारी से पहले सात दिन का नोटिस देने के निर्देश दिए। वकील रवि शर्मा ने हाईकोर्ट में बताया कि पुलिस ने रोशनलाल आर्य के खिलाफ 24 अप्रैल को एक ही दिन में तीन-तीन एफआईआर दर्ज की।
इनमें यमुनानगर में दर्ज की एफआईआर को छुपाए रखा गया। यहां तक कि 18 मई को हाईकोर्ट में सरकार की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल ने भी रोशनलाल के खिलाफ यमुनानगर में दर्ज हुई एफआईआर का जिक्र नहीं किया। हमें डर है कि भविष्य में सरकार के इशारे पर रोशनलाल आर्य के खिलाफ दोबारा झूठे मुकदमें दर्ज किए जा सकते हैं।
इस पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने निर्देश दिए कि भविष्य में आर्य की गिरफ्तारी से पहले उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाए। इस मामले में प्रदेश सरकार की ओर से हाईकोर्ट में एडीशनल एडवोकेट जनरल पेश हुए थे।