पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बड़ी राहत दी और 18 फरवरी, 2022 को मानसा में आईपीसी की धारा-188 के तहत दर्ज एफआईआर में ट्रायल पर रोक लगाते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सीनियर एडवोकेट बिपिन घई के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी।
आरोप के अनुसार चन्नी मानसा में पिछले साल 18 फरवरी को शुभदीप सिंह उर्फ सिद्धू मूसेवाला के साथ शाम छह बजे के बाद 400 से अधिक समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे जबकि डीसी ने 14 फरवरी से ही धारा-144 लगाकर पांच से अधिक लोगों के जमावड़े पर पाबंदी लगाई थी। पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि इस मामले में पिछले साल 23 जून को जांच की अंतिम रिपोर्ट पेश की जा चुकी है और ट्रायल कोर्ट ने उन्हें 16 जुलाई को नोटिस भेज 13 सितंबर को पेश होने का आदेश दिया था।
याची ने बताया कि अब 12 जनवरी को उन्हें अदालत में पेश होना है। चन्नी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ एफआईआर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर दर्ज की गई है और ऐसे में इसे रद्द किया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पर रोक लगा दी है और इस एफआईआर में आगे कोई कार्रवाई न करने का आदेश दिया है।