गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल (जीएमसीएच 32) की एक पहल मरीजों के लिए काफी राहत लेकर आई है। जीएमसीएच-32 में हाल ही में एमआरआई मशीन इंस्टाल हुई है। यहां एमआरआई की फीस सिर्फ 1800 रुपये रखी गई है, जबकि पीजीआई में एमआरआई की फीस 2500 रुपये है।
इसी तरह से सेक्टर-16 हास्पिटल में एमआरआई का रेट करीब 2800 रुपये है। हालांकि सेक्टर-16 के अस्पताल में एमआरआई पीपीपी मॉडल के तहत होता है। प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर या प्राइवेट हास्पिटल में एमआरआई के करीब पांच हजार या उससे ऊपर वसूला जाता है।
नड्डा करेंगे उद्घाटन
जीएमसीएच-32 के एमआरआई सेंटर का अधिकारिक तौर पर उद्घाटन नहीं किया गया है, लेकिन मरीजों की समस्या को ध्यान में रखते हुए इसे पहले ही चलाने का फैसला लिया गया है। बताया जा रहा है कि संसद का शीत सत्र खत्म होने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को चंडीगढ़ में बुलाए जाने की संभावना है। वही औपचारिक तौर पर इसका उद्घाटन करेंगे।
25 साल बाद लगी है एमआरआई मशीन
जीएमसीएच-32 में एमआरआई मशीन करीब 25 साल बाद इंस्टाल हुई है। इससे पहले मरीजों को प्राइवेट लैब या चैरिटेबल ट्रस्ट में जाना पड़ता था। इससे रुपये के साथ समय भी काफी बर्बाद होता था। एमआरआई पर काफी विवाद भी रहा है।
2012 में इसे पीपीपी मॉडल के तहत लगाना था, लेकिन कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद इसे चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से लगाने का फैसला दिया गया। उसके बाद भी कभी ग्रांट का चक्कर पड़ा तो कभी दूसरे तकनीकी कारणों का। अब तक करीब डेढ़ सौ से ज्यादा मरीजों की एमआरआई हो चुकी है।
और भी कम होने चाहिए थे रेट
जीएमसीएच-32 ने भले ही अन्य हास्पिटलों से रेट कम रखे हैं, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि अब भी गरीब मरीजों के लिए रेट ज्यादा हैं। उनके मुताबिक इसका रेट करीब 1300-1500 रुपये होना चाहिए था। हालांकि बीपीएल धारकों के लिए यह सुविधा मुफ्त रखी गई है, लेकिन कई मरीजों के पास बीपीएल कार्ड भी नहीं होता है। ऐसे मरीजों के सामने काफी बड़ी दिक्कत आ जाती है।
प्रोफेसर अतुल सचदेवा, डायरेक्टर, जीएमसीएच-32 ने बताया कि जीएमसीएच 32 में एमआरआई इंस्टाल हो गई है। इसके रेट पीजीआई से भी कम रखे गए हैं। उद्घाटन होना अभी बाकी है, लेकिन एमआरआई शुरू कर दी गई है।