शहर के 80 से अधिक प्राइवेट, कॉन्वेंट और एडेड स्कूलों में भारी भरकम फीस देकर बच्चों को पढ़ाने वाले हजारों अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। अगले सत्र (अप्रैल 2017) से प्राइवेट स्कूलों के फीस स्ट्रक्चर का फैसला यूटी प्रशासन तय करेगा।
प्राइवेट स्कूलों के फीस मामले के नए प्रस्ताव पर अंतिम फैसले के लिए फाइल यूटी प्रशासक प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी के पास भेजी गई है। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर नकेल कसने के लिए यूटी प्रशासन के उच्च अधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया है। शहर के प्राइवेट स्कूलों की फीस निर्धारित करने के लिए यूटी प्रशासन ने पहली बार नियम बनाने का फैसला लिया है।
यूटी प्रशासन का प्रपोजल सिरे चढ़ा तो अगले 6 महीने में प्राइवेट स्कूलों में फीस स्ट्रक्चर की नई पॉलिसी लागू हो जाएगी। फीस पॉलिसी को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और कई अन्य राज्यों के नियमों का भी गहराई से अध्ययन किया है।
1 से 12वीं क्लास की तीन कैटेगरी में होगी फीस : प्राइवेट स्कूलों के नए फीस स्ट्रक्चर को लेकर प्रशासक प्रो.सोलंकी के पास भेजे गए प्रस्ताव में यूटी प्रशासन ने 1 से 12वीं क्लास के विद्यार्थियों के लिए तीन से चार कैटेगरी बनाने का प्रस्ताव दिया है। जानकारी द्मह्य अनुसार प्राइवेट स्कूलों में पहली से पांचवीं, छठी से आठवीं और 9वीं से 12वीं क्लास की फीस के तीन स्लैब होंगे। इन स्लैब की फीस में अधिक अंतर नहीं होगा। प्रपोजल में प्राइवेट स्कूलों द्वारा बार-बार एडमिशन फीस, डेवलेपमेंट फंड, बिल्ंिडग फंड जैसे कई फंड को पूरी तरह खत्म करने की सिफारिश की गई है।
प्रशासन ने तैयार किया खास 10-12 सवालों का प्रोफार्मा: यूटी प्रशासन की ओर से प्राइवेट स्कूलों की फाइनेंशियल पोजीशन को जानने और उसी हिसाब से फीस तय करने का फार्मूला तैयार किया जा रहा है। इसके लिए यूटी प्रशासन ने करीब 10-12 सवालों का एक प्रोफामा भी तैयार किया गया है। जिसमें प्राइवेट स्कूलों की लैंड अलॉटमेंट से लेकर, स्कूल का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर और स्कूल का खर्च शामिल किया गया है। सभी स्कूलों को प्रशासन द्वारा तैयार प्रोफार्मा के हिसाब से फीस तय करनी होगी। नए सिस्टम के तहत प्राइवेट स्कूलों के कुल लाभ की भी जांच की जाएगी।