चंडीगढ़। सातवें वेतनमान की मांग को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को भी चला। शिक्षकों का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में उच्च शिक्षा को सबसे अधिक नुकसान हुआ है और इसकी जिम्मेदार खुद सरकार है। सरकार को नुकसान के बारे में सब कुछ पता है, लेकिन जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है।
पीयू के एडमिन ब्लॉक के बाहर भारी संख्या में शिक्षक एकत्रित हुए और धरना दिया। सचिव प्रो. अमरजीत सिंह नौरा ने कहा कि देश के सभी प्रदेशों ने शिक्षकों को सातवां वेतनमान दे दिया है, लेकिन पंजाब सरकार ने नहीं दिया। यहां की जनता और शिक्षकों ने इस सरकार का पूरा साथ दिया, लेकिन जब शिक्षकों के हक की बारी आई तो सरकार पीछे हट गई। शिक्षक चाहते थे कि एजुकेशन का सेक्टर आगे बढ़ेगा। प्रदेश की तरक्की होगी, लेकिन सरकार नहीं चाह रही। इस सरकार से प्रदेश अब नहीं संभाला जा रहा है। अब शिक्षकों ने भी ठान लिया है कि वह अपनी ताकत का एहसास करवाएंगे। आगे की रणनीति बनाई जा रही है। जल्द ही परिणाम सामने होंगे। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वह एकजुट रहें। धरना-प्रदर्शन में भाग लें।