इस बैठक के बारे में बीबी जागीर कौर ने बताया कि बैठक में संयुक्त अकाली दल की कारगुजारी और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें अकाली दल को पुराने पंथक स्वरूप में लाने के लिए प्रयास करने पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में शिअद के परिवारवाद, बादल परिवार के खिलाफ बोलने वालों से पार्टी में होने वाले बर्ताव पर भी चर्चा हुई।
गौरतलब है कि बीबी जागीर कौर को शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के फैसले के खिलाफ एसजीपीसी चुनाव लड़ने के चलते, अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए शिअद से निष्कासित कर दिया गया था, जबकि जगमीत सिंह बराड़ को भी सुखबीर बादल के फैसले के खिलाफ जाकर समानांतर कमेटी बनाने के मामले में निष्कासित कर दिया गया था। इन दोनों नेताओं के निष्कासन की आलोचना करते हुए, उस समय संयुक्त अकाली दल के प्रमुख सुखदेव सिंह ढींडसा ने उनके द्वारा उठाए कदमों का समर्थन किया था। माना जा रहा था कि दोनों नेता जल्द ही संयुक्त अकाली दल में शामिल हो जाएंगे।
जागीर कौर के सहारे एसजीपीसी तक पहुंचेगी भाजपा
बीबी जागीर कौर के संयुक्त अकाली दल से जुड़ने से पंजाब में भाजपा को परोक्ष रूप से एसजीपीसी में पैठ बनाने का अहम मौका मिलना तय है। गौरतलब है कि संयुक्त अकाली दल ने सूबे के विधानसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन किया था और यह पार्टी भविष्य में भी भाजपा से साथ जुड़े रहने का एलान कर चुकी है।