हरियाणा के यमुनानगर में 800 मेगावाट यूनिट क्षमता के लगने वाले दीनबंधू छोटूराम थर्मल प्लांट का कार्य जल्द शुरू होगा। इसके निर्माण के लिए हरियाणा सरकार ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) को 6900 करोड़ रुपये में टेंडर अलॉट किया है। सोमवार देर शाम मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई हाई पावर वर्कर्स परचेज कमेटी (एचपीजीसीएल) की बैठक में इसको मंजूरी दी गई। बीएचईएल इस कार्य को 57 महीने की समयावधि में पूरा करेगी। बैठक में बिजली मंत्री रणजीत सिंह भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस प्लांट में अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल यूनिट लगेगी जबकि अभी तक सब-क्रिटिकल यूनिट लगे हैं। यह पहले लगे यूनिट से आठ प्रतिशत ज्यादा क्षमता के हैं। इसमे कोयले की खपत कम होगी और बिजली सस्ती बनेगी। इस परियोजना से हरियाणा के नागरिकों के लिए निर्बाध बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए सभी उपकरण लगाने का प्रावधान किया गया है।
बैठक में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के चेयरमेन पीके दास, हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मोहम्मद शाइन मौजूद रहे।
गोरखपुर परमाणु संयंत्र दो-तीन साल में होगा शुरू
बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि बीएचईएल कंपनी ने यमुनानगर में थर्मल प्लांट के लिए आवेदन किया था। एक ही कंपनी होने के कारण उसे टेंडर मिल गया है। इसका शिलान्यास सीएम मनोहर लाल पीएम नरेंद्र मोदी से कराएंगे। उन्होंने कहा कि हिसार के खेदड़ थर्मल प्लांट में एक अतिरिक्त यूनिट लगाने पर भी मंथन किया जा रहा है। गोरखपुर परमाणु संयंत्र शुरू होने में अभी दो-तीन साल लग जाएंगे।