मान ने कहा कि वह राज्य की झांकी को शामिल न करने का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष जोरदार ढंग से उठाएंगे। अगर झांकी शामिल नहीं की गई तो भी राज्य सरकार 26 जनवरी को राज्य भर में होने वाले सभी समारोहों में इन्हें ‘केंद्र सरकार द्वारा रद्द’ के बैनर लगाकर शामिल करेगी और राज्य की समृद्ध विरासत को लोगों के सामने पेश किया जाएगा।
भाजपा शासित राज्यों की ही झांकियां चुनी गईं: मान
मान ने कहा कि इस साल भी झांकी के लिए चुने गए राज्यों में से 90 प्रतिशत से अधिक भाजपा के शासन वाले राज्य हैं। दिल्ली की झांकी को भी रद्द दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल पंजाब सरकार ने तीन विषय ‘पंजाब-शहीदों और बलिदानों की गाथा’, ‘नारी शक्ति’ (माई भागो-पहली महान सिख जंगजू बीबी) और ‘पंजाब का समृद्ध सभ्याचार की पेशकारी’ विषयों को झांकी के लिए भेजा था। उन्होंने केंद्र सरकार को याद दिलाया कि अगर अंडमान-निकोबार को अपनी झांकी पेश करनी पड़ती तो पंजाब उसमें भी होता, क्योंकि भारत की आजादी का संघर्ष पंजाब और पंजाबियों के योगदान से भरा हुआ है। यह भाजपा की साजिश है, ताकि देश की एकता और अखंडता को बरकरार रखने में पंजाब के बलिदान को छिपाया जा सके।
भाजपा नेताओं को मान की चुनौती
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग देशभर में चल रही मोदी की झांकी का गुणगान करने लगे हैं लेकिन वह शहीदों की झांकी के विचार के खिलाफ हैं। इस कदम से भाजपा का पंजाब विरोधी चेहरा फिर बेनकाब हुआ है। कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़, आरपी सिंह, मनजिंदर सिरसा समेत सभी भाजपा नेता बताएं कि उनकी सरकार यह बेइंसाफी क्यों कर रही है। अगर एनडीए सरकार का बस चले तो वह राष्ट्रगान से भी पंजाब का नाम हटा दें।
एडवांस पैसा लेकर भी ट्रेनें देने से इन्कार
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि तीर्थयात्रा योजना के लिए राज्य सरकार ने एडवांस पैसा देकर करार किया था लेकिन केंद्र सरकार ने जानबूझकर वाराणसी, पटना साहिब, नांदेड़ साहिब, अजमेर शरीफ व अन्य स्थानों तक तीर्थ यात्रियों को ले जाने वाली रेलों को रोक दिया है। केंद्र का मकसद लोगों को धार्मिक स्थानों पर माथा टेकने से वंचित रखना है। प्रधानमंत्री रोज डबल इंजन वाली सरकार की शेखी मार रहे हैं लेकिन रेलवे इस लोक हितैषी योजना के लिए इंजन न होने का हवाला दे रहा है।
झांकी को स्थान न मिलना निराशाजनक लेकिन सीएम की भाषा अशोभनीय: जाखड़
पंजाब की झांकी को मंजूरी नहीं मिलने पर केंद्र सरकार पर सीएम भगवंत मान के तीखे बोल पर भाजपा ने ऐतराज जताया है। भाजपा प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने बुधवार को अपने एक्स हैंडल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड में पंजाब की झांकी को गौरवपूर्ण स्थान मिलना चाहिए था। हर पंजाबी चाहेगा कि हमारी समृद्ध संस्कृति, हमारा इतिहास जो बलिदानों से भरा है और गुरु साहिबान का सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश 26 जनवरी को देश के सामने प्रदर्शित हो।
पंजाब की झांकी का भाग न लेना निश्चित रूप से हम सभी के लिए निराशाजनक है। उन्होंने आगे लिखा कि लेकिन भगवंत मान द्वारा इस मुद्दे को राज्य में लोगों की भावनाएं भड़काने के बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का कोई कारण नहीं है। भगवंत मान ने आज जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, वह अशोभनीय है।