लखीमपुर कांड को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद करार देते हुए पंजाब के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने कहा है कि पूरी घटना की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई। उन्होंने दोषियों को गिरफ्तार करने और कानून के तहत बनती सजा की मांग की। नाभा ने प्रियंका गांधी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य को तुरंत रिहा करने की मांग की।
नाभा ने कहा कि यह घटना तब घटी जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से पिछले डेढ़ साल से तीन कृषि कानूनों के कारण किसान बहुत दुखी हैं। यह मामला लोकतंत्र और आम लोगों की आवाज को दबाने का एक उदाहरण है। राज्य सरकार लोकतंत्र में लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है जोकि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी किसानों और इस घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है।
युवा अकालियों ने निकाला कैंडल मार्च
युवा अकाली दल और स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसओआई) ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ सेक्टर 22 में कैंडल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही देर शाम राजभवन तक मार्च निकालकर धरना दिया। युवा अकाली दल के प्रवक्ता और जिला इकाई फतेहगढ़ साहिब के अध्यक्ष सर्बजीत सिंह झिंदर और स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रोबिन बराड़ ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की परवाह किए बिना अपने एजेंडे को जबरदस्ती लागू कर रही है। यह चौंकाने वाली बात है कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को भाजपा नेता और उनके परिवार के सदस्यों ने वाहन से कुचल दिया।