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लखीमपुर कांड: भगवंत मान ने कहा- जुर्म की हद, कृषि मंत्री ने की जांच की मांग, यूथ अकाली दल का कैंडल मार्च

Mon, 04 Oct 2021 11:55 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

लखीमपुर घटना को लेकर विपक्ष उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार पर हमलावर है। आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने घटना को जुर्म की हद बताया और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की। उधर, पंजाब के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की। घटना के विरोध में यूथ अकाली दल ने कैंडल मार्च निकाला।   
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आप सांसद भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी घटना को आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद भगवंत मान ने जुल्म का शिखर करार देते हुए निंदा की है। उन्होंने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे की तुरंत गिरफ्तारी और मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की। भगवंत मान ने सवाल खड़ा किया कि जिस केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के अधीन पुलिस हो और उन्हीं का बेटा किसानों की निर्मम हत्या में शामिल हो, इससे बड़ी गुंडागर्दी क्या हो सकती है। 

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यह सवाल संसद में प्रधानमंत्री की आंखों में आंखें डालकर भी पूछा जाएगा। भगवंत मान ने कहा कि किसान आंदोलन में करीब 700 किसान शहीद हो चुके हैं। बावजूद इसके केंद्र की मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अभी भी किसानों के खून की प्यासी है। मान ने कहा कि भाजपा नेताओं के साथ अब उनके बेटे-बेटियां भी किसानों को गाड़ियों से कुचलकर उनकी हत्या करने लगे हैं।

यह भी पढ़ें- लुधियाना: किसान ने फांसी लगा दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- लखीमपुर घटना को बर्दाश्त नहीं कर सका
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मान ने कहा कि देश के अन्नदाता की निर्मम हत्याओं से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश और देश में लोकतंत्र नहीं, बल्कि डंडा तंत्र और गोली तंत्र का गुंडा राज है। भगवंत मान ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक लोगों से पहुंचाने की अपील की। मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल खड़ा किया कि वह केवल अपने मन की बात करते हैं लेकिन लोगों के मन की बात नहीं सुनते।

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हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग

लखीमपुर कांड को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद करार देते हुए पंजाब के कृषि मंत्री रणदीप सिंह नाभा ने कहा है कि पूरी घटना की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराई। उन्होंने दोषियों को गिरफ्तार करने और कानून के तहत बनती सजा की मांग की। नाभा ने प्रियंका गांधी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य को तुरंत रिहा करने की मांग की। 

नाभा ने कहा कि यह घटना तब घटी जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से पिछले डेढ़ साल से तीन कृषि कानूनों के कारण किसान बहुत दुखी हैं। यह मामला लोकतंत्र और आम लोगों की आवाज को दबाने का एक उदाहरण है। राज्य सरकार लोकतंत्र में लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है जोकि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी किसानों और इस घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है।

युवा अकालियों ने निकाला कैंडल मार्च 
युवा अकाली दल और स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसओआई) ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ सेक्टर 22 में कैंडल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही देर शाम राजभवन तक मार्च निकालकर धरना दिया। युवा अकाली दल के प्रवक्ता और जिला इकाई फतेहगढ़ साहिब के अध्यक्ष सर्बजीत सिंह झिंदर और स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रोबिन बराड़ ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों की परवाह किए बिना अपने एजेंडे को जबरदस्ती लागू कर रही है। यह चौंकाने वाली बात है कि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को भाजपा नेता और उनके परिवार के सदस्यों ने वाहन से कुचल दिया।
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