चंडीगढ़। पंजाब से सांसद एवं आप नेता भगवंत मान ने एडीजे डॉ. रजनीश की अदालत में मंगलवार को अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है। मामले की सुनवाई कर अदालत ने याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए पुलिस को नोटिस जारी किया है। अग्रिम जमानत याचिका में मान के वकील ने कहा है कि पुलिस ने न केवल उनके मुवक्किल पर झूठा केस दर्ज किया बल्कि मान और उनके साथियों को पीटा भी था।
याचिका में भगवंत मान की तरफ से कहा गया है कि वे अपने साथियों के साथ शांतिपूर्ण ढंग से सीएम आवास की ओर जा रहे थे। उनके समेत 2-3 लोग सीएम को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। इस दौरान पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उनके मार्च को रोका और बल का प्रयोग किया। पुलिस ने उन्हें जबदस्ती हिरासत में रखा था।
बता दें कि पंजाब में महंगी बिजली के मुद्दे पर जनवरी 2020 में आप ने पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सीएम आवास की तरफ कूच किया था। इस दौरान यहां पुलिस के साथ मान और उनके समर्थकों की झड़प हुई थी। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने सांसद भगवंत मान सहित कई विधायकों और नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था।
इस मामले में अदालत में दायर आरोप पत्र में पुलिस का कहना है कि वह इस केस को लेकर 06 सितंबर को अदालत में 10 नेताओं के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर चुकी है। इनमें सांसद भगवंत मान के अलावा विधायक हरपाल सिंह चीमा, मास्टर बलदेव सिंह, बलजिंदर कौर, मीत हेयर, अमन अरोड़ा, सरबजीत कौर माणुके, मंजीत सिंह और दो अन्य नेता नरिंदर सिंह शेरगिल व जयसिंह शामिल हैं। इन सभी नेताओं के खिलाफ सेक्टर-3 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 149, 332, 353 के तहत चार्जशीट दायर की है। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, ये नेता सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ सीएम आवास घेरने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पुलिस के साथ हाथापाई की, जिसमें इंस्पेक्टर मलकीत सिंह, कांस्टेबल विनीत कुमार और महिला कांस्टेबल मनप्रीत कौर जख्मी हो गए थे। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने मनप्रीत की शिकायत पर इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की थी, इसलिए पुलिस को इन्हें मजबूरी में हिरासत में लेना पड़ा था।