करीब एक घंटा देरी से शुरू हुआ कार्यक्रम
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान केवल भगवंत मान ने ही शपथ ग्रहण की। समारोह का समय दोपहर 12.30 बजे तय था लेकिन यह करीब 1.25 बजे शुरू हुआ। समारोह में आम आदमी पार्टी (आप) के नवनिर्वाचित विधायकों, दिल्ली के मुख्यमंत्री व आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन भी मौजूद रहे। सभी ने पीले रंग की पगड़ी पहनी थी। इनके अलावा समारोह में आए आप समर्थक अधिकांश पुरुषों ने पीली पगड़ी बांधी थी जबकि गैर-केसधारी युवकों ने पीली जैकेट के जरिये बसंती रंग से खुद को जोड़ रखा था।
अनेक महिलाएं भी पीले दुपट्टे और पीले सलवार-कमीज में दिखाई दीं। शपथ ग्रहण समारोह में आने का आम लोगों को न्योता देते हुए मान ने कहा था कि उनके साथ पंजाब की तीन करोड़ जनता भी शपथ लेगी। कार्यक्रम स्थल पर पार्टी कार्यकर्ता और लोग उत्साह से लबरेज दिखे और इस दौरान ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘बोले सो निहाल’ जैसे नारे बार-बार गूंजते रहे।
‘इस बार वतन की सरजमीं को महबूब बना लें’
भगवंत मान अपने संक्षिप्त भाषण के दौरान कहा कि जिस तरह दिल्ली में लोग विदेश से स्कूल देखने आते हैं, मोहल्ला क्लीनिक देखने आते हैं, वैसे ही हम पंजाब में स्कूल और अस्पताल ऐसे बनाएंगे कि विदेश से लोग यहां स्कूल और अस्पताल देखने आएंगे। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, ‘इश्क करना सबका पैदाइशी हक है, क्यों ना इस बार वतन की सरजमीं को महबूब बना लिया जाए।’
विपक्ष को भी दिया समारोह का निमंत्रण
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भगवंत मान ने केवल अपनी पार्टी के नेताओं और वर्करों को ही नहीं बल्कि अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को भी निमंत्रण भेजा था। हालांकि दूसरे दलों के नेता इस समारोह में नहीं पहुंचे, लेकिन कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने मान के निमंत्रण के जवाब में भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद की बधाई देते हुए संसद सत्र जारी होने के कारण समारोह में आ पाने में असमर्थता जताई। तिवारी ने इस संबंध में एक ट्वीट भी किया।