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कोठी प्रकरण : थाने में मुझे तीन दिन तक पीटा, बिना कपड़ों के बर्फ की सिल्ली पर बैठाकर दी प्रताड़ना

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चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में वीरवार को जिला अदालत में दूसरे गवाह अमित गुप्ता की गवाही हुई। अमित ने अदालत को बताया कि सेक्टर-39 थाने में उसे प्रताड़ित किया गया था। उसे एक सेल में बंद कर तत्कालीन थाना प्रभारी राजदीप, पत्रकार संजीव महाजन और बाउंसर सुरजीत सिंह बारी-बारी आकर राहुल मेहता के बारे में पूछताछ करते। तीन दिनों तक उसके साथ मारपीट की गई। यहां तक कि कपड़े उतारकर उसे बर्फ की सिल्ली पर बैठाकर प्रताड़ित किया गया। बाद में उसे बताया गया कि राहुल मेहता मिल गया है, लेकिन उससे कभी मिलने की कोशिश मत करना। यह कहकर आरोपियों ने उसे छोड़ दिया। गवाही के दौरान अमित गुप्ता ने संजीव महाजन और राजदीप की पहचान भी की। अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी।
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तबीयत ठीक होने के बाद अमित गुप्ता ने वीरवार को नए सिरे से गवाही दी। अमित ने अदालत को बताया कि अक्तूबर 2016 में राहुल मेहता उसके पास आए थे। उनके पैर में गैंगरीन था, जिसमें से खून निकल रहा था। घाव को ठीक होने के लिए लंबे इलाज की जरूरत थी। लगभग 6 से 7 महीने तक इलाज चला। अप्रैल 2017 में संजीव महाजन उनके पास आया और राहुल का इलाज न करने की हिदायत दी। उस दौरान उन्हें इसका कारण समझ नहीं आया। अप्रैल 2017 में रामपाल, परमिंदर,अशोक और वीरू उर्फ वरिंदर नाम के पुलिसकर्मी आए और उन्हें सेक्टर-39 के पुलिस स्टेशन ले गए, जहां थाना प्रभारी राजदीप, संजीव महाजन और बाउंसर सुरजीत थाने में मौजूद थे। उन्होंने अमित से राहुल मेहता के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। कहा कि राहुल मेहता गायब है, उसके बारे में बता दो इसी में तुम्हारी भलाई है। कहा कि राहुल मेहता के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों ने उन्हें प्रताड़ित किया।
मुझे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी, दो साल तक परेशान किया, बंद करना पड़ा व्यवसाय
अमित गुप्ता ने अदालत को बताया कि पुलिस वाले लगातार उनकी दुकान पर आकर उन्हें डराते रहे। धमकी देते थे कि राहुल मेहता के बारे में बता दो नहीं तो आपराधिक मामले, एनडीपीएस एक्ट का केस लगा देंगे। पुलिसकर्मी दो साल तक परेशान करते रहे। मैं घबरा गया और अंत में व्यवसाय बंद कर दिया। साल 2021 में जब मौजूदा केस को दोबारा खोलने की जानकारी मिली तो मैं सेक्टर-39 पुलिस थाने गया। वहां मुझे बताया गया कि यह मामला सेक्टर-31 पुलिस थाने में चल रहा है। उसके बाद मैं पुलिस स्टेशन-31 थाने में पहुंचा और थाना प्रभारी नरेंद्र पटियाल से मिला। मैंने उन्हें मामले की जानकारी दी।
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तबीयत खराब होने के कारण पेश नहीं हुए राहुल मेहता
बीते बुधवार को अदालत में मामले के मुख्य गवाह राहुल मेहता, तरुण उर्फ तरसेम और अमित गुप्ता के बयान होने थे। तबीयत खराब होने के कारण राहुल मेहता नहीं आए, वहीं अमित गुप्ता की गवाही के दौरान तबीयत खराब हो गई। दोनों गवाहों को वीरवार को अदालत में गवाही देने आना था। तरुण के बयान अदालत ने दर्ज कर लिए थे। वीरवार को अमित गुप्ता के बयान तो हो गए, लेकिन राहुल मेहता की तबीयत ठीक न होने से वह अदालत में नहीं आ सके। अब सात फरवरी को राहुल मेहता की गवाही हो सकती है।
बचाव पक्ष ने कहा, दोनों दिनों के बयानों में फर्क
संजीव महाजन के वकील ने गवाह अमित गुप्ता के दो दिनों के बयानों में फर्क बताया। उन्होंने कहा कि पहले दिन अमित ने कहा था कि महाजन उसके पास अक्तूबर 2016 में आया था, जबकि वीरवार के बयानों में कहा कि वह उसके पास साल 2017 में आया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि अमित ने अदालत को बताया है कि वह राहुल का इलाज निशा साहनी के निर्देश पर कर रहा था। जबकि अमित के पास फार्मा का लाइसेंस नहीं है। अमित गुप्ता जिस निशा की बात कर रहे थे, वो उनके पास 2014 में नहीं बल्कि 2020 में आई थी।
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