स्कूल में एडमिशन के लिए अब अगर आपने ये धांधली की तो कड़ा अंजाम भुगतना पड़ेगा। इसलिए अभिभावकों से अपील है कि वे सावधान रहें। शिक्षा के अधिकार के तहत अगर प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोर्ट की सीटों के लिए गलत आय प्रमाण पत्र दिया गया तो स्कूल प्रबंधन उसका नाम काट सकता है। उस अभिभावक पर धारा 171 और 191 के तहत केस भी दर्ज हो सकता है। इसमें आरोपी को तीन साल की सजा हो सकती है।
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से ये गाइडलाइन जारी की गई हैं। इनमें कहा गया है कि अगर किसी अभिभावक की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये है तो उसका दाखिला शिक्षा के अधिकार के तहत ईडब्ल्यूएस कोटे में हो सकता है। अगर आय 1.50 लाख रुपये के ऊपर होती तो गलत आय प्रमाण पत्र देने पर स्टूडेंट का नाम प्राइवेट विद्यालय अपने स्तर पर काट सकता है। यह सूचना अभिभावक आय प्रमाण पत्र बनवाते समय गलत न दे, इस पर नकेल कसने के लिए शिक्षा विभाग ने यह रास्ता अख्तियार किया है।
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के स्कूल एजूकेशन के डायरेक्टर रूबिंदर जीत सिंह बराड़ ने बताया कि करीब पांच से छह स्कूलाें में इस तरह के मामले सामने आए हैं। इसके बाद चंडीगढ़ शिक्षा विभाग की ओर से इसकेे बाद यह फैसला लिया गया है। अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी होगी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर बच्चों को गलत आय प्रमाण पत्र दिया जाएगा तो भारतीय दंड संहिता 1860 केे तहत धारा 171 और 191 के तहत केस दर्ज कर तीन साल की सजा होगी। अगर बच्चा सामान्य श्रेणी में हो तो स्कूल उससे फीस वसूल सकता है।