चंडीगढ़ में जब भी पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों का जिक्र होता है तो दंपति मुकेश और पूनम का नाम सबकी जुबां पर पहले आता है। मुकेश और पूनम ने पैरा ओलंपिक 2020 के लिए क्वालिफाई कर लिया है। यह चैम्पियनशिप अगस्त में टोक्यो में आयोजित की जाएगी। वर्ष 2020 में सामान्य खिलाड़ियों के लिए ओलंपिक के बाद अगस्त में पैरा ओलंपिक खेली जाएगी।
इन दोनों के कोच राजीव कौशल ने बताया कि मौजूदा समय में इन की रैंकिंग बेहतर है और पिछले वर्ष 2019 में कई इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए दोनों पदक जीत चुके हैं। पूनम कैटेगरी-6 में इंडिया नंबर 1 और मुकेश इसी कैटेगरी में शीर्ष स्थान पर हैं।
नेशनल में मुकेश और पूनम ने जीते गोल्ड मेडल
मुकेश और पूनम ने नेशनल पैरा टेबल टेनिस चैम्पियनशिप में सटीक प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया। यह चैंम्पियनशिप दिल्ली में 30- 31 दिसंबर तक आयोजित की गई। इसमें मुकेश ने मध्य प्रदेश के साहिल को 11-6 से हरा गोल्ड जीता और पूनम ने कर्नाटक की त्रिवेणी को 11-4 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
बच्चे की जान बचाते हुए खराब हुआ पांव
मुकेश पहले सामान्य वर्ग में टेबल टेनिस प्लेयर थे। एक नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, इतने में एक बच्चा अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गया। मुकेश ने ट्रैक पर पहुंच कर बच्चे की जान तो बचा ली, लेकिन ट्रेन की चपेट में आने से अपना पांव खराब कर बैठे। वहीं, उनकी पत्नी को बचपन में पोलियो था। दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और टेबल टेनिस में पूरी ताकत लगा दी। आज नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर मेडल बटोर रहे हैं।