कारपेंटर का काम छोड़कर इस पिता ने बेटी को बनाया चैम्पियन
बेटी के लिए पिता बने मिसाल। कारपेंटर का काम छोड़कर बेटी को कैरम की ट्रेनिंग दी। नतीजा, आज वो चैम्पियन है और वर्ल्ड कप खेलने जा रही है। चंडीगढ़ की कैरम स्टार तुबा सेहर के पिता एक मामूली परिवार से ताल्लुक रखते हैं और लकड़ी का काम करते थे। पिता महजर खान को कैरम खेलना पसंद था। उन्हें जब भी अपने काम से मौका मिलता, वह बड़े बेटे हसन, बेटी फरहीन और सबसे छोटी बेटी तुबा सेहर के साथ घर में कैरम खेलते।
घर से मिली ट्रेनिंग के बाद तीनों नेशनल लेवल के चैंपियन हैं। अपने बड़े भाई और बहन से प्रेरणा लेकर तुबा ने कड़ी मेहनत की और आज वह भारतीय कैरम टीम में शामिल होकर देश का नाम रोशन कर रही है। इस समय मजहर कैरम की कोचिंग भी देते हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-45 स्थित बुड़ैल में इनका परिवार रहता है।
मालदीव में दिलाई जीत
मालदीव में आयोजित टेस्ट सीरीज में भारत को जीत दिलाने में तुबा ने अहम भूमिका निभाई। सीरीज मालदीव के शहर माली में 21 से 24 अगस्त तक खेली गई। इसमें भारतीय पुरुष और महिला टीमाें ने हिस्सा लिया। विजेता महिला टीम में तुबा सेहर सिटी से एक मात्र खिलाड़ी हैं। इनके अलावा तीन अन्य, काजल कुमारी बिहार की, पूर्वा हैदराबाद, प्रोमिला तमिलनाडु की हैं। मालदीव की टीम वर्ल्ड कैरम में तीसरे पायदान पर है। इस टीम को भारत ने टेस्ट सीरीज में 5-0 से शिकस्त देकर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की।