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सक्षम 2022 का शुभारंभ: प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित बोले- कार स्टेटस सिंबल नहीं, सचिव स्तर के अधिकारी भी करें सार्वजनिक बस में यात्रा

Tue, 12 Apr 2022 12:14 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

प्रशासक ने कहा कि एलपीजी और मिट्टी का तेल अभी भी जनता को रियायती दरों पर बेचा जाता है। इससे सरकारी खजाने के साथ-साथ तेल कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है।
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चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने सोमवार को सभी अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि सिर्फ जनता को ही नहीं अधिकारियों को भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना चाहिए। कार को स्टेटस सिंबल नहीं मानना चाहिए। सचिव स्तर के अधिकारियों को भी बस में सफर करना चाहिए।

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प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित सोमवार को सेक्टर-26 के महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में पेट्रोलियम संरक्षण को लेकर शुरू किए गए अभियान ‘सक्षम 2022’ का शुभारंभ करने पहुंचे थे। उन्होंने अभियान का शुभारंभ किया और लोगों को कम से कम पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल करने का संदेश दिया। इस दौरान तेल और गैस बचाने के टिप्स देने वाली एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। 

प्रशासक ने कार्यक्रम में मौजूद स्कूली छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाना उनकी जिम्मेदारी है। सुझाव दिया कि अगर एक बच्चा ठान ले कि उसे पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने के लिए 50 लोगों को जागरूक करना है तो ये अभियान बहुत बड़ा बन जाएगा। प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है। 

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शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। ईवी नीति भी जल्द जारी की जाएगी। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि अगर किसी को मार्केट जाना है, तो कार या स्कूटी से क्यों जाते हैं, पैदल या साइकिल से क्यों नहीं जाते। कहा कि इसे आदत में लाना होगा। सक्षम 2022 की थीम हरित और स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से आजादी का अमृत महोत्सव है इसलिए, जहां तक संभव हो जीवाश्म ईंधन का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करें ताकि स्वच्छ, सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।

तेल आयात पर देश की भारी निर्भरता गंभीर चिंता का विषय
प्रशासक ने कहा कि एलपीजी और मिट्टी का तेल अभी भी जनता को रियायती दरों पर बेचा जाता है। इससे सरकारी खजाने के साथ-साथ तेल कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है। तेल आयात पर देश की भारी निर्भरता गंभीर चिंता का विषय है। बताया कि देश में इस्तेमाल किया जाने वाला 82 फीसदी पेट्रोल को आयात किया जाता है लेकिन सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि इस निर्भरता को इस वर्ष के अंत तक कम करके 67 प्रतिशत तक लाना है। 

स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर-ऑयल इंडस्ट्री जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण, प्रभावी उपयोग के लिए आवश्यकता, मुद्दों और समाधानों के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के प्रयासों को तेज करना है। ईंधन संरक्षण और दक्षता उपायों से न केवल भारी आयात बिल की बचत होगी, बल्कि उसे कम करने में भी मदद मिलेगी।

अभियान के तहत कई गतिविधियों व प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
अभियान सक्षम 2022 के दौरान चंडीगढ़ और पंजाब के विभिन्न जिलों में इस से संबंधित विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसमें वाद-विवाद, समूह वार्ता, नुक्कड़ नाटक, साइकिल रैली और दीवार पेंटिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर ईंधन संरक्षण प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम शामिल हैं। कार्यक्रमों को रेडियो और सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाएगा। 30 अप्रैल तक चंडीगढ़ और पंजाब में एक मोबाइल वैन तेल और गैस संरक्षण का संदेश फैलाएगी। 

राज्य स्तरीय समन्वयक (तेल उद्योग) सुबोध चौधरी ने बताया कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, हाउसिंग सोसायटियों और कॉलोनियों में तेल एवं गैस संरक्षण पर सामूहिक वार्ता होगी। इसके अलावा, अभियान में ईंधन संरक्षण पर ऑनलाइन प्रतिज्ञा, ईंधन कुशल ड्राइविंग प्रतियोगिता, सुरक्षा और संरक्षण युक्तियों को कवर करने वाली एलपीजी पंचायत और एलपीजी बचत युक्तियों पर एलपीजी डिलीवरी बॉय का प्रशिक्षण शामिल होगा।
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