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जेम्स होटल: 90 करोड़ की वसूली के लिए 800 करोड़ का होटल हथियाना चाहता है बैंक

Thu, 21 Dec 2017 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ स्थित जेम्स होटल के मालिकों को बड़ी राहत देते हुए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में उनके खिलाफ लंबित मामले में कोई भी आदेश पारित करने पर रोक लगा दी है। जेम्स होटल पर बकाया कर्ज को लेकर एनसीएसटी में मामला विचाराधीन है। वहां बिना पूरा पक्ष सुने याची को दोषी करार देने की दलील देते हुए होटल मालिकों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि वे लंदन छोड़कर भारत आए थे और अपनी सारी कमाई इस होटल को खड़ा करने में लगा दी। यहां तक की अपनी पुश्तैनी संपत्तियां भी बेच डालीं। इसके बाद भी होटल का प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। इस दौरान बैंक ने कर्ज देने का वायदा किया परंतु पूरा पैसा जारी नहीं किया जिसके चलते प्रोजेक्ट पूरा होने में देरी हुई। बैंकों ने प्रोजेक्ट पूरा होने से पहले ही कर्ज की वसूली आरंभ कर दी।

इसके चलते प्रोजेक्ट पूरा होने तक उन्हें बैंक को लिए गए कर्ज की आधि राशि का भुगतान करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस समय उनकी प्रापर्टी की कीमत कुल 800 करोड़ रुपये है जो कि उनकी 90 करोड़ की देनदारी से कई गुणा ज्यादा है। इसके बावजूद बैंक उनकी प्रापर्टी को जब्त करना चाह रही है। जो सरासर गलत है। होटल के खिलाफ एनसीआरटी ने आदेश जारी किए थे जिस पर होटल मालिकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उन्हें अपना पक्ष मजबूती से रखने की इजाजत न दी गई और उनका पक्ष सुने बिना ही उन्हें दोषी करार दे दिया गया। इस पर जस्टिस राजेश बिंदल एवं जस्टिस एचएस सिद्धू की खंडपीठ ने एनसीआरटी को अगले आदेश जारी करने पर रोक लगाते हुए सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब भी मांग लिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी।  
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