फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरपतवंत पन्नू के आतंकी घोषित होने से आईएसआई को झटका, पंजाब को अलग करने का था मंसूबा

Fri, 03 Jul 2020 11:02 AM IST
खुशबू गोयल सुरिंदर पाल, जालंधर(पंजाब)

सार

  • आतंकवाद फैलाने का सपना देख रहे आतंकियों पर नकेल कसने की तैयारी
  • गुरपतवंत सिंह पन्नू के जरिए पंजाब को अलग करने का सपना देख रही थी
  • पाकिस्तान से लेकर यूके तक में बनाया मजबूत नेटवर्क
  • चीन से भी नजदीकियां बना रहे थे आतंकवादी समूह
विज्ञापन
गुरपतवंत सिंह पन्नू - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू की आतंकवादी संगठनों से बढ़ रही नजदीकियों से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को अपने मंसूबे कामयाब होते दिखाई देने लगे थे। लेकिन भारत सरकार ने पन्नू समेत यूरोप और पाकिस्तान में बैठे लोगों को आतंकवादी घोषित कर दिया है, जो पंजाब को अलग करने का सपना देख रहे थे।
विज्ञापन


केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा घोषित इस सूची में पन्नू के अलावा बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चीफ वधावा सिंह बब्बर, अंतरराष्ट्रीय सिख यूथ फेडरेशन के लखबीर सिंह, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के रंजीत सिंह नीटा, खालिस्तान कमांडो फोर्स के परमजीत सिंह पंजवड़, जर्मनी में बसे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के भूपिंदर सिंह भिंदा और गुरमीत सिंह बग्गा को भी शामिल किया गया है।

खालिस्तान समर्थक पन्नू और उसके साथियों पर मुकदमे दर्ज, भुलत्थ से एक सहयोगी गिरफ्तार
विज्ञापन


खालिस्तान टाइगर फोर्स से संबंधित व कनाडा में रह रहे हरदीप सिंह व बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संबंधित व इंग्लैंड में रह रहे परमजीत सिंह के नाम भी इस सूची में हैं। इस सूची में अब गुरपतवंत पन्नू का नाम भी जुड़ गया है, जो पंजाब में पिछले लंबे समय से रेफरेंडम 2020 के लिए मुहिम चला रहा है।

पन्नू इन कुख्यात आतंकवादियों से जुड़ चुका है, ऐसा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को पता चल गया था। पंजाब पुलिस ने शबनमदीप सिंह उर्फ मनिंदर लाहौरिया को गिरफ्तार किया था। डीजीपी ने तब दावा किया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और गुरपतवंत सिंह पन्नू के संगठन सिख फॉर जस्टिस के बीच सांठगांठ हो चुकी है।

2007 में बना था एसएफजे

सिख फॉर जस्टिस खालिस्तान समर्थित समूह है, जिसका गठन 2007 में हुआ था। इसका नेतृत्व अवतार सिंह पन्नू और गुरपतवंत सिंह पन्नू कर रहे हैं। एसएफजे आंतरिक समूह में 8 से 10 लोग शामिल हैं, लेकिन इसका ऑनलाइन समर्थन करने वालों की संख्या लाखों में है। पन्नू का दावा रहा है कि वह पंजाब को एक स्वतंत्र और संप्रभु देश बनाना चाहता है। इस समूह ने पिछले पांच साल में ही प्रसिद्धि प्राप्त की है।

पांच साल पहले ही इसने अलग खालिस्तान का निर्माण करने की वकालत शुरू की थी। इस उद्देश्य के लिए संगठन ने एक ऑनलाइन अलगाववादी अभियान, सिख रेफरेंडम 2020 की भी शुरुआत की। केंद्रीय एजेंसी आईबी के समक्ष ऐसे 11 मामले आए थे, जिसमें पाया गया कि एसएफजे पंजाब में स्थानीय आतंकवादियों की विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन और अन्य प्रकार से सहायता प्रदान कर रहा है।

विवादास्पद ट्वीट: दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने अनुपम खेर को भेजा नोटिस, कांग्रेस ने श्री अकाल तख्त से की शिकायत

वधावा सिंह और पन्नू के बीच गहरा रिश्ता
बब्बर खालसा प्रमुख वधावा सिंह का कनाडा और ब्रिटेन में बड़ा नेटवर्क है। उससे साफ तौर पर कहा गया है कि वह अपने नेटवर्क से सिख फॉर जस्टिस की रैलियों में पूरा सहयोग करे। वधावा सिंह बब्बर, लखबीर सिंह, रंजीत सिंह नीटा और परमजीत सिंह पंजवड़ को यह भी कहा गया है कि कश्मीरी आतंकी संगठनों हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के लिए पंजाब में नेटवर्क कायम करे और अपने स्लीपिंग सेल को इनकी मदद के लिए कहे, ताकि किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दिया जा सके।

बीएसएफ ने भी पिछल साल 21 मई को सीमा के पास इंटरनेशनल सिख स्टूडेंट फेडरेशन के दो आतंकियों को हथियारों के साथ पकड़ा था, जिनके लखबीर सिंह रोडे और हरमीत सिंह पीएचडी से संबंधों का खुलासा हुआ।
विज्ञापन

यूके में एक मंच पर आए गए थे पन्नू और अलगाववादी नेता

पिछले साल अक्तूबर में इंग्लैंड में हुई रेफरेंडम 2020 की रैली से पहले अलगाववादियों के एक मंच पर आने से केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ गई थी और आशंका थी कि पंजाब में कोई बड़ी आतंकी घटना घट सकती है। एसएफजे बरगाड़ी और बहिबल कलां कांड को लेकर पैदा हो रहे माहौल से आतंकवाद के लिए जमीन तैयार कर रहा है।

पिछले दिनों पंजाब में अलकायदा के कश्मीरी आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) और खालिस्तान गदर फोर्स आतंकी संगठन का खुलासा पुलिस कर चुकी है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की हत्या की साजिश का भी पर्दाफाश हुआ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें