कहते हैं ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोई...’ यानी जिस पर ईश्वर की कृपा दृष्टि हो, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। माता-पिता के अच्छे कर्मों का बच्चों को भी जरूर फल मिलता है।
तभी तो सेक्टर-20 के कुंडी गांव में 22 फुट की ऊंचाई से गिरने के बाद भी सात माह की बच्ची परी सही सलामत है। उसे खरोंच तक नहीं आई है।
बच्ची के छत से गिरने की बात सुनकर मां बेहोश
परी के पिता पंकज ने बताया कि रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे बच्ची उनकी गोद में थी। इसी बीच परी की मां अल्का ने आवाज दी और वह परी को रेलिंग से थोड़ी दूर पर लिटाकर चले गए। यह ध्यान नहीं रहा कि रेलिंग के बीच में काफी खुली जगह है।
दो मिनट बाद जब वहां पहुंचा तो परी नहीं थी। मन घबराया। तलाश शुरू की तो पड़ोसियों ने आवाज दी कि बच्ची छत से नीचे गली में गिर गई है। परी की मां यह सुनकर बेहोश हो गई।
ईश्वर की यह कृपा जिंदगी भर याद रहेगी
मन में तरह-तरह के बुरे खयाल आ रहे थे, लेकिन जैसे ही वह नीचे पहुंचे, बच्ची उन्हें देखकर हंसने लगी तो मानो जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा मिल गया हो।
ईश्वर की कृपा रही कि परी को एक खरोंच तक नहीं आई। उसे जनरल अस्पताल ले गए, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने ग्लूकोज चढ़ाया और सब कुछ नार्मल बताया। परी का एक्स-रे भी करवाया गया और सब कुछ नार्मल निकला। ईश्वर की यह कृपा जिंदगी भर याद रहेगी।