वोकेशनल कोर्स में तो मात्र 3.8 प्रतिशत की दर रही। यानी 900 बच्चों में से 34 को ही वीजा दिया गया। जुलाई 2022 तक 96 हजार भारतीय विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, जो चीन के बाद सबसे बड़ी संख्या थी। 2023 में भी 76 हजार विद्यार्थियों ने वीजा का आवेदन किया था लेकिन उनकी सफलता दर 50 प्रतिशत से कम थी। यही वजह रही कि कनाडा व यूके में भारी संख्या में बच्चे स्टडी के लिए निकल गए। ऑस्ट्रेलियाई दूतावास में 18 हजार के करीब आवेदन अभी लंबित हैं लेकिन अब वीजा मंजूरी की दर 95 प्रतिशत पहुंच गई है।
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में कहा था कि भारतीय विद्यार्थी दोनों देशों को और करीब ला रहे हैं। आज जब मैं आपके बीच आया हूं तो एक घोषणा भी करने जा रहा हूं। ब्रिस्बेन में भारतीय समुदाय की लंबे समय से जो मांग थी, जल्द ही ब्रिस्बेन में भारत का एक नया कॉन्सुलेट खोला जाएगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया की गहरी होती पार्टनरशिप हर व्यक्ति को सशक्त करेगी। आप सभी ऑस्ट्रेलिया में भारत के कल्चरल एंबेसडर हैं। भारत के ब्रांड एंबेसडर हैं।
एक भी वीजा रद्द नहीं
ऑस्ट्रेलियन दूतावास के अधिकृत एजेंट सुकांत त्रिवेदी का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा ने एक जबरदस्त बूम ला दिया है। आज तक कभी इतना वीजा सक्सेस रेट नहीं मिला था, जितना एक सप्ताह में मिला है। 100 प्रतिशत वीजा मिले हैं। यहां तक कि एक मिनट में भी वीजा आया है। अब मार्केट बदल जाएगी, ऑस्ट्रेलिया की तरफ दौड़ लगेगी जो भीड़ कनाडा व यूके जा रही थी अब ऑस्ट्रेलिया जाएगी।
पहली बार ऐसी तेजी
ऑस्ट्रेलियन स्टडी वीजा काउंसलर प्रियंका शर्मा का कहती हैं कि नजर न लगे एक भी वीजा रिजेक्ट नहीं हुआ है। मेरे कॅरियर में पहला मौका है, जब ऐसी तेजी आई है। 20 वीजा पूरे आए हैं। आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलियन एजुकेशन इंडस्ट्री की ग्रोथ होगी।