चंडीगढ़। एटीएम में लूट के प्रयास के मामले में जिला अदालत ने सुबूतों के अभाव में युवक गुरप्रीत सिंह को बरी कर दिया है। मामले के मुताबिक गुरप्रीत सिंह 20 फरवरी 2019 को एक एटीएम बूथ से रुपये निकलवाने गया था। कई बार प्रयास के बावजूद जब रुपये नहीं निकले तो उसने एटीएम में तोड़फोड़ कर दी। इसका पता चलने पर बैंक मैनेजर ने पुलिस को लूट के प्रयास की शिकायत दे दी। इसके बाद गुरप्रीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
गुरप्रीत के वकील पलविंदर सिंह लक्की ने अदालत को बताया कि यह एटीएम में लूट का प्रयास नहीं था। यदि लूट का इरादा होता तो उनके मुवक्किल के पास कोई हथियार भी होता, लेकिन पुलिस को कोई हथियार बरामद नहीं हुआ था। वह तो एटीएम बूथ में पैसे निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कई प्रयास के बाद भी असफल रहा तो गुस्से में आकर तोड़फोड़ कर दी। वहीं, पुलिस ने बिना जांच किए गुरप्रीत पर मामला दर्ज कर लिया।
शिकायत में बताया गया था कि एक व्यक्ति एटीएम बूथ में पहुंचा, उसने मशीन में कार्ड डाला और रुपये निकालने की कोशिश की। बाद में उसने अचानक मशीन को तोड़ना शुरू कर दिया। एटीएम में लगे सीसीटीवी की फुटेज को देखकर शिकायत दी गई थी।