राज्य में हैट्रिक जमाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोक दी है। बहुमत हासिल करने के लिए पार्टी अपनी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। लिहाजा 2019 के चुनाव में हारे मनोहर सरकार के मंत्रियों पर भाजपा दांव खेलने जा रही है। गुरुग्राम में हुई चुनाव समिति की बैठक में इस बात के संकेत मिले हैं। कई पूर्व मंत्रियों ने तो तैयारी भी कर ली है।
वहीं, पार्टी को भी इससे परहेज नहीं है। शीर्ष नेतृत्व ने इन्हें चुनाव में उतारने का मन बना लिया है। अब बस केंद्रीय चुनाव समिति की मुहर लगना बाकी है। पिछले चुनाव में मनोहर सरकार के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन, सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, न्याय व अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्ण देव कांबोज को हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, भाजपा अध्यक्ष रहे सुभाष बराला भी चुनाव हार गए थे।
सूत्रों के मुताबिक कैप्टन अभिमन्यु नारनौंद से चुनाव लड़ना चाहते हैं। वे पिछली बार जजपा उम्मीदवार रामकुमार गौतम से 12 हजार वोट से हार गए थे। हालांकि हार के बावजूद वे लगातार अपने इलाके में सक्रिय रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय सचिव ओपी धनखड़ बादली से चुनावी ताल ठोकना चाहते हैं। पिछली बार वह बादली में 11 हजार वोटों से हार गए थे।
रोहतक से सहकारिता मंत्री रहे मनीष ग्रोवर को कांग्रेस उम्मीदवार भारत भूषण बत्रा ने ढाई हजार वोटों से हराया था। वे रोहतक व कविता जैन सोनीपत से ही तैयारी कर रही हैं। कांग्रेस के राव दान से हारे रामबिलास शर्मा फिर महेंद्रगढ़ से उतरेंगे।। लोकसभा चुनाव में उनके विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को अच्छी बढ़त मिली थी। वहीं, कृष्ण लाल पंवार इसराना सीट से हारे थे। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया था। उनकी दिलचस्पी चुनाव लड़ने की है।
पहली सूची में होगा नाम : केंद्रीय चुनाव समिति ने मुहर लगा दी थी तो पहली सूची में ही इन सभी का नाम होगा। भाजपा की पहली सूची 29 या 30 अगस्त को आने की संभावना है। भाजपा ने सभी 90 सीटों पर पैनल बना लिया है।