पुलिस ने लड़कियों को बिना महिला पुलिस गिरफ्तार कर घंटों थाने में बिठाकर रखा। इस कारण उन्हें धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रदर्शनकारी आरोपी पुलिस अधिकारी व शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। वहीं, अश्वनी कुमार निवासी बहरामपुर रोड ने बताया कि उनकी ओर से थाना सिटी गुरदासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उक्त संस्थान के लोग उनके मोहल्ले में आए और प्रचार के जरिये धर्म परिवर्तन पर जोर डाल रहे थे।
इससे उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाए कि उक्त समुदाय दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न संगठन एकत्र हो गए और धरना उठाने का मांग करने लगे। मामले को गरमाता देख एसपी हेडक्वार्टर नवजोत सिंह सिद्धू मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत करवाने का प्रयास किया। इसके बाद दुर्व्यवहार के आरोपी एएसआई को सस्पेंड कर मामले की जांच का आश्वासन दिया। तब जाकर दोनों समुदाय शांत हुए।
मामले की तह तक पहुंचा जाएगा: एसएसपी
एसएसपी दीपक हिलौरी ने बताया कि दोनों समुदायों की शिकायतें पुलिस के पास हैं। बारीकी से जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। पुलिस कानून के हिसाब से चलती है और किसी के दबाव में काम नहीं करती। उन्होंने बताया कि फिलहाल पुलिस के समक्ष जो पहले तथ्य पेश हुए है उनके आधार पर एएसआई जगदीश को सस्पेंड कर दिया गया है।