हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर और करनाल के सांसद अश्विनी चोपड़ा के बीच चल रहा वाकयुद्ध दिल्ली दरबार में पहुंच गया है। सांसद के बयान को पार्टी आलाकमान ने गंभीरता से लेते पूरे मामले की रिपोर्ट पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों से मांगी है।
रिपोर्ट में बीते छह माह में मीडिया में दिए गए सांसद के बयान, उनके साक्षात्कार की रिपोर्ट के साथ संबंधित न्यूज चैनलों पर दिखाए गए बयानों की सीडी भी मांगी गई है। जल्द ही सारी रिपोर्ट पार्टी आलाकमान के पास पहुंच जाएगी। अश्विनी चोपड़ा करनाल से सांसद हैं। करनाल ही मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र है।
सांसद ने हाल ही में यह कहकर सियासी विवाद खड़ा कर दिया था कि सात माह के शासनकाल में खट्टर सरकार ने कोई बड़ा काम नहीं किया। हरियाणा में पहली बार बनी भाजपा सरकार की इमेज बिल्डिंग में लगे संघ के नेताओं को यह बात अखर गई है। चूंकि सीएम स्वयं मोदी की पसंद हैं, इसलिए प्रधानमंत्री भी इस बात से वाकिफ हैं।
राष्ट्रीय सचिव एवं हरियाणा प्रभारी डॉ. अनिल जैन से सीधी बात
सवाल : करनाल के सांसद और मुख्यमंत्री के बीच का विवाद आपके संज्ञान में है?
जवाब : यह पार्टी का आंतरिक मामला है, सांसद को पार्टी फोरम पर बात करनी चाहिए।
सवाल : क्या काम नहीं होने के कारण सांसद ऐसा कह रहे हैं?
जवाब : मैंने उनसे बात करने का प्रयास किया था, लेकिन पता चला वे विदेश में हैं।
सवाल : विवाद का अंत कैसे होगा?
जवाब : उनके विदेश से आते ही बात करूंगा।
सवाल : सांसद ने सरकार के कामकाज पर उंगली उठाई, आपका क्या कहना है?
जवाब : सरकार ने सात माह में दिल खोलकर जनहित के काम किए हैं।
सवाल : सांसद के बयान के बाद से विपक्ष भी आक्रामक है?
जवाब : मैं उनके वापस आते ही उनसे बात करूंगा।