ईवीएम लोकतंत्र के लिए संदिग्ध है, चुनाव आयोग को विपक्षी पार्टियों की मांग पर कार्रवाई करते हुए दोबारा बैलेट पेपर से चुनाव कराना चाहिए। यह कहना है हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ अशोक तंवर का। वे शुक्रवार शीला बाईपास पर एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि 15 दिन पहले चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक में सभी पार्टियों ने बैलेट पेपर से चुनाव करवाने की मांग की थी। सिर्फ भाजपा ही ईवीएम के समर्थन में है। आयोग को निष्पक्ष होकर जनभावना के अनुरूप कार्रवाई करते हुए ईवीएम को अलविदा कह देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग से एक सवाल पूछा गया था कि चुनाव संबंधित कार्य किस तरह से हो रहे हैं तो चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव आउट सोर्सिंग के माध्यम से नहीं करवाए जाएंगे। तंवर ने प्रदेश के पांच नगर निगमों में मेयर के चुनाव पर कहा कि यदि मिलकर सभी चलते और चुनाव पार्टी के सिंबल पर होता तो हरियाणा की राजनीति में बहुत फर्क आता।
वहीं 18 अगस्त की रैली पर तंवर ने कहा कि रैली दो महीने पहले हो जानी चाहिए थी। सभी की कोशिश होनी चाहिए कि वो कांग्रेस को एकजुट करते हुए एक-दूसरे का साथ दें और पार्टी का जनाधार बढ़ाने का काम करें। आज कांग्रेस के समक्ष सबसे बड़ा लक्ष्य भाजपा हरियाणा छोड़ो का है।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने पर कहा कि यह फैसला पहले कांग्रेस ने सोच-समझकर किया था लेकिन समय के साथ उसमें बदलाव करना समय की ही मांग है। कांग्रेस ने इस फैसले को तानाशाही से नहीं, प्यार-प्रेम से संशोधित करने की मांग की है।