आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्यमंत्री चेहरा भगवंत मान ने कहा है कि जिस तरह दिल्ली में पहली बार चुनाव लड़ते हुए अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को हराया था, उसी तरह पंजाब के लोग इस बार कांग्रेस-अकाली दल के दिग्गजों को सबक सिखाने के लिए आम आदमी पार्टी के साधारण उम्मीदवारों को जिताएंगे।
मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी आम लोगों की पार्टी है। आप ने आम लोगों को राजनीति में आने का मौका दिया है। हमारे नेता और विधायक आम घरों और परिवारों से निकले लोग हैं, इसलिए वे आम लोगों के दुख दर्द को अच्छी तरह समझते हैं। आम आदमी पार्टी ने आम लोगों पर स्वच्छ सियासत का विश्वास जताया है।
मान ने कहा कि 2013 में जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे तो शीला दीक्षित ने मीडिया से कहा था, कौन है केजरीवाल! लेकिन केजरीवाल ने 25000 से ज्यादा मतों से शीला दीक्षित को हरा दिया। 2014 में भी संगरूर से मेरे खिलाफ उस समय के तत्कालीन राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा और तत्कालीन लोकसभा सांसद विजय इंदर सिंगला मैदान में थे। हमारे पास न संगठन था, न पैसे लेकिन संगरूर के लोगों ने हमें सवा दो लाख से ज्यादा मतों से जिताया।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मान ने कहा कि इस बार भी कांग्रेस ने पंजाब में अपने नेताओं के बेटे-बेटियों और परिवारों को टिकट दिया है। कांग्रेस परिवारवाद से कभी बाहर नहीं निकल सकती। परिवारवाद कांग्रेस की जड़ में है। अमृतसर पूर्व से नवजोत सिद्धू के खिलाफ बिक्रम मजीठिया के चुनाव लड़ने की घोषणा पर मान ने कहा कि इस बार अमृतसर के लोगों के पास अच्छा मौका है, दोनों बड़बोले नेताओं को सबक सिखाने का। मान ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि अमृतसर की जनता इस बार आप उम्मीदवार जीवनजोत कौर को विधानसभा पहुंचा कर एक तीर से दो निशाने लगाएगी।