करोड़ों रुपये के ड्रग तस्करी व भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में फरार बर्खास्त एआईजी राजजीत सिंह को गिरफ्तार करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नई रणनीति से काम शुरू किया है। एसटीएफ ने गुरुवार को मोहाली जिला अदालत से आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए अरेस्ट वारंट जारी करवाए हैं। 18 मई तक आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करना होगा। दूसरी तरफ राजजीत के परिजन भी भूमिगत हो गए हैं। घर पर ताला लगा है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से एसआईटी द्वारा तैयार की गई नशा तस्करी संबंधी रिपोर्ट अप्रैल में पंजाब सरकार को भेजी गई थी। इसके बाद स्टडी कर सरकार ने राजजीत सिंह को बर्खास्त किया था। साथ ही विजिलेंस व एसटीएफ को कार्रवाई का आदेश दिया था लेकिन सूत्रों की माने तो उसके बाद से एआईजी घर से फरार हो गया था। गुरुवार को विजिलेंस को सूचना मिली थी कि आरोपी कसौली में छिपा है। एसटीएफ ने कसौली में दबिश दी लेकिन वहां पर कोई सुराग नहीं लग पाया।
वहीं, एसटीएफ की एक टीम ने दिल्ली में भी दबिश दी। वहां पर एसटीएफ को सफलता नहीं मिली। हालांकि आरोपी विदेश न भाग पाए, इसके लिए एसटीएफ ने लुकआउट सकुर्लर भी जारी करवाया है लेकिन राजजीत सिंह पकड़ में नहीं आया।
इससे पहले जेल में बंद इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह पर 2017 में जो केस दर्ज हुआ था, उसमें राजजीत सिंह को नामजद किया गया था। साथ ही आय से अधिक संपत्ति का केस विजिलेंस ने दर्ज कर लिया था। विजिलेंस को उसकी आखिरी लोकेशन कुछ समय पहले दिल्ली में मिली थी। वहीं, घर से निकले हुए उसकी एक फोटो कैमरे में कैद हुई थी। इसमें उसके हाथ में दो बैग नजर आ रहे थे।