आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल में दायर किया केस
इसके बाद हरजिंदर सिंह ने आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (एएफटी) में सेना के अधिकारियों के खिलाफ मामला दायर किया। हरजिंदर सिंह ने कहा कि उसे कारगिल युद्ध में हुई कैजुल्टी का फायदा दिए बिना सेवानिवृत्त कर दिया गया। केवल पेंशन लगा दी गई। एएफटी की न्यायिक पीठ और पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय दोनों ने रक्षा मंत्रालय को उन्हें सभी लाभ देने का आदेश दिया। हालांकि, केंद्र सरकार और सेना ने 12 मार्च, 2015 को इन आदेशों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की।
10 लोगों की जान बचा चुका सिपाही हरजिंदर
सिपाही हरजिंदर ने कारगिल में घायल होने के बाद अब समाज सेवा का भी बीड़ा उठाया हुआ है। रिटायर होने के बाद से अभी तक वह 10 लोगों की जान भी बचा चुके हैं। 10 फरवरी, 2025 को रात में करीब 11 बजे एक स्कॉर्पियो गाड़ी सरहिंद नहर में गिर गई थी। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने बेटों के साथ पानी में डूबी गाड़ी में फंसे पांच लोगों की जान बचाई। 25 अगस्त, 2007 को नवांशहर निवासी 22 साल की लड़की परमिंद्र कौर ने इसी नहर में छलांग लगाई थी, जिसे उन्होंने नहर में कूदकर बाहर निकाला था। इसी तरह से रात के अंधेरे में सड़क हादसों में घायल दो युवकों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई थी।