चंडीगढ़ पुलिस की एएसआई भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े की कोशिश में अब अपराध शाखा ने सेना के एक क्लर्क (एलडीसी) को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जिला जींद (हरियाणा) के ऊंचाना गांव निवासी अनिल (20) के रूप में हुई है। आरोपी जबलपुर में सेना मुख्यालय में तैनात है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड हासिल किया है।
एसएसपी मनोज मीणा ने बताया कि क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राजीव कुमार की अगुवाई में टीम ने आरोपी अनिल को गिरफ्तार किया गया। अब आरोपी को उसके गांव भी ले जाया गया है। पुलिस को कुछ सामान की बरामदगी करनी है। मीणा ने बताया कि एएसआई भर्ती के लिए आए आवेदनों की जांच के दौरान पता चला कि अनिल की पत्नी ने एएसआई की भर्ती के लिए आवेदन किया था।
सेना में भर्ती होने से पहले अनिल अपने गांव ऊंचाना में हरियाणा फोटोस्टेट नाम से साइबर कैफे चलाता था। उसने अपनी पत्नी के साथ ही रोजालेश के नाम से एक फर्जी फार्म भरा। फॉर्म में उसने फोटो अपने दोस्त की लगाई और मोबाइल नंबर को छोड़कर अन्य जानकारियां हूबहू भर दीं। आरोपी का मकसद था कि उसके दोस्त की सीट उसकी पत्नी के आगे-पीछे आ जाए ताकि वह उसकी पत्नी को नकल करवा सके। पुलिस जांच के दौरान खुलासा होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
कुछ दिन पहले चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल समेत तीन की हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले इसी तरह से फर्जीवाड़ा करने की कोशिश में चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कांस्टेबल के अलावा पकड़े गए अन्य आरोपियों की पहचान एजी पंजाब के ऑफिस में तैनात एक सीनियर अकाउंटेंट व मनीमाजरा के एक साइबर कैफे के मालिक के रूप में हुई थी। सेक्टर-36 थाने में तैनात कांस्टेबल ने भी अपने दोस्त का फर्जी फॉर्म भरा था ताकि दोनों की सीट आगे-पीछे आए और आसानी से नकल कर सके। क्राइम ब्रांच ने सेक्टर-11 थाने में 30 नवंबर को इस मामले में केस दर्ज करवाया था। इसमें 122 लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।