सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे सोमवार को पठानकोट-जम्मू रीजन में राइजिंग स्टार कोर्पस के वर्तमान सुरक्षा स्थिति और परिचालन तत्परता का जायजा लिया। उन्होंने फ्रंटलाइन पर डटे सेना के जवानों से मुलाकात की और सीमा पर सुरक्षा चक्र का जायजा लिया। सबसे पहले सेना प्रमुख जम्मू और फिर पठानकोट के मामून कैंट पहुंचे।
वेस्टर्न कमांड के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह, राइजिंग स्टार के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, टाइगर डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल वीबी नायर और जम्मू एयरफोर्स स्टेशन के एयर कमोडोर एएस पठानिया ने उनका स्वागत किया। लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना प्रमुख को परिचालन तैयारियों, सुरक्षा के बुनियादी ढांचे की अपग्रेडेशन और आंतरिक सुरक्षा मामलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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इसके बाद सेनाध्यक्ष नरवणे ने टाइगर डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल वीबी नायर के साथ बॉर्डर एरिया में परिचालन तैयारियों की समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों और कमांडिंग अफसरों से बातचीत की। सेना प्रमुख ने गुर्जर डिवीजन के फ्रंटलाइन क्षेत्रों पर भी विजिट की और डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल वाईपी खंडूरी ने उन्हें जानकारी दी।
सेना प्रमुख ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों की घुसपैठ और सीजफायर उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा को लेकर एजेंसियां और सरकार बहुत अच्छा काम कर रही हैं। उम्मीद है कि हमारे विरोधियों द्वारा छेड़े गए छद्म युद्ध की नापाक हरकत को नाकाम करने में सभी इसी तरह काम करते रहेंगे। सेना प्रमुख ने पश्चिमी कमांड के सभी अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की और उनके मनोबल की सराहना की।
उन्होंने कहा कि देश के दुश्मनों के किसी भी दुस्साहस को विफल करने और हर स्थिति से निपटने में भारतीय सेना सक्षम है। उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में पश्चिमी कमांड की तैयारियों व प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ऑपरेशन नमस्ते का समर्थन किया।