उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देतीं व्रती महिलाएं।
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सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ सोमवार सुबह को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। हजारों व्रतियों ने अपने परिवार के साथ छठ घाटों पर पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। अल सुबह ही व्रती छठ घाटों पर पहुंच गए।
व्रतियों के परिवार के सदस्य अपने सिर पर अर्घ्य देने के सामान सा भरी टोकरी लिए हुए थे। टोकरी में रखे सूप के ऊपर दीप जल रहे थे। पंडाल सजाने वाली संस्थाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों ने दूध, चाय, फल और अघरौता का प्रसाद वितरण किया। व्रतियों ने अर्घ्य देने के बाद पूजा की। उसके बाद पारण किया और प्रसाद बांटा।
महिलाएं छठ घाटों पर गीत गाती हुईं पहुंची। बड़ी संख्या में पुरुष व्रतियों ने भी अर्घ्य प्रदान किया। बिहार परिषद के कोषाध्यक्ष डॉ. लाल बहादुर दुबे और संगठन मंत्री सत्यम ओझा ने बताया कि चार दिवसीय छठ पूजा का समापन उषा अर्घ्य होता है। इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ के व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग सूर्योदय से पहले नदी या सरोवर के तट के घाट पर पहुंचकर उदित होते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। इसके बाद सूर्य देव और छठ माता से संतान के सुखी जीवन और परिवार की सुख-शांति की कामना करते हैं। उगते सूर्य को अर्घ्य के समय पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल के अलावा पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी साथ रहे।