चंडीगढ़ में भूमि के रिकॉर्ड को समय-समय पर अपडेट करने के लिए पहली बार जिला राजस्व अधिकारी की निुयक्ति होगी। चंडीगढ़ में इस पद के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। अभी तक तहसीलदारों के बाद डीसी पर ही सभी राजस्व विभाग से संबंधित जिम्मेदारी होती है।
जिला राजस्व अधिकारी चंडीगढ़ में काम करने वाले तहसीलदार, नायब तहसीलदार और उप रजिस्ट्रार के काम की निगरानी के लिए डिप्टी कमिश्नर की सहायता करेगा। इस पद पर पंजाब और हरियाणा से डेपुटेशन पर अधिकारी बुलाए जाएगा।
डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि शहर के भूमि रिकॉर्ड के देखरेख के लिए राज्यों की तर्ज पर जिला राजस्व अधिकारी की नियुक्ति की मांग की गई थी, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। डेपुटेशन पर आए अधिकारी इस पद को संभालेंगे। इसके लिए पंजाब और हरियाणा को भी पत्र लिखा जा चुका है।
आने वाले दिनों में संबंधित राज्य से अधिकारियों की सूची भी मांगी जा सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला राजस्व अधिकारी को ही भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एलएओ) का कार्य भी सौंपा जा सकता है, क्योंकि चंडीगढ़ में एलएओ की जिम्मेदारी एसडीएम सेंट्रल को दी जाती है। हरियाणा के भी कई जिलों में जिला राजस्व अधिकारी को उन विभागों का भूमि अधिग्रहण कार्य सौंपा गया है, जहां कोई अलग भूमि अधिग्रहण अधिकारी उपलब्ध नहीं है।
मई तक मनीमाजरा और बुड़ैल का भूमि रिकॉर्ड हो जाएगा ऑनलाइन
डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि प्रशासन ने कुल 25 गांवों में से 23 की जमाबंदियां कर दी हैं। दो पर फिलहाल काम जारी है। इसमें बुड़ैल और मनीमाजरा की जमीन शामिल है। इसे भी मई तक पूरा कर लिया जाएगा।
बाकी 23 गांवों की सारी जमीन का रिकॉर्ड अब ऑनलाइन हो गया है। इस रिकॉर्ड को कोई भी चंडीगढ़ प्रशासन की वेबसाइट
http://chandigarh.gov.in/ पर जाकर मालिक का नाम या खेवट या खसरा नंबर डाल कर हासिल कर सकता है।