यूटी की ओर से 28 मई को सुबह 10 बजे सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच के सभागार में शराब के ठेकों की नीलामी की जाएगी। इस बार कुल 173 ठेकों की नीलामी होगी। इनमें देसी शराब के ठेकों की संख्या 50 होगी, जबकि अंग्रेजी शराब के ठेकों की संख्या 123 होगी।
इच्छुक बिडर्स को 26 मई को शाम 5 बजे तक आवेदन करना होगा, जिस ठेके की रिजर्व प्राइस 60 लाख है उसके लिए 10 लाख और जिसकी 60 लाख से एक करोड़ के बीच है उसके लिए 20 लाख अर्नेस्ट मनी जमा कराना होगा।
1 से 2 करोड़ के ठेके के लिए 30 लाख और 2 करोड़ से ऊपर के ठेके के लिए 40 लाख रुपये अर्नेस्ट मनी के तौर पर जमा कराने होंगे।
पिछले साल की तरह इस साल भी कई ठेकों के लिए करोड़ों रुपये की बोली लग सकती है। एक जून से चंडीगढ़ में नई एक्साइज पॉलिसी लागू हो रही है और इस पॉलिसी में शराब के ठेकों की संख्या कम कर दी गई है। पिछले साल 217 शराब के ठेकों की नीलामी हुई थी। इस बार 44 ठेके कम कर दिए गए हैं।
पहली बार आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से बिडर्स की वेटिंग सूची भी तैयार की जा रही है। पिछले साल प्रशासन को कई बार शराब के ठेकों की नीलामी करनी पड़ी थी क्योंकि कई ठेकेदारों ने बिड करने के बाद उसे सरेंडर कर दिया था। ध्यान रहे कि प्रशासन ने तीन दिन पहले ही वर्ष 2014-15 के लिए नई एक्साइज पॉलिसी घोषित की है।
पिछले साल पहली नीलामी 23 अप्रैल को हुई थी और प्रशासन को इन ठेकों की नीलामी से 97.47 करोड़ राजस्व की प्राप्ति हुई थी। पहले दिन 217 में से 103 ठेके ही नीलाम हुए थे। पिछली बार सबसे महंगा ठेका 2.22 करोड़ में बिका था।
कजहेड़ी में यह ठेका रमन पुरी ने लिया था, जबकि कजहेड़ी में ही एक और ठेका 1.81 करोड़ में नीलाम हुआ था। वर्ष 2012 तक सालों में सड़क किनारे टीन की दुकानों में चल रहे ठेकों की करोड़ों में बोली लगती थी। वर्ष 2012 में आईएसबीटी सेक्टर-43 के सामने सेक्टर-52 का ठेका 4 करोड़ 25 लाख रुपये में नीलाम हुआ था, जबकि बहलाना का ठेका 5 करोड़ 25 लाख रुपये में नीलाम हुआ था।