कोई भी व्यापार शुरू करने के लिए जीएसटी आइडेंटिफिकेशन निंबर लेना अनिवार्य होता है। बिना जीएसटीआईएन के किसी बड़ी कंपनी को सामान नहीं बेच सकते। यदि कोई कंपनी बिना जीएसटीआईएन वाली कंपनी से सामान खरीदती है तो उस पर लगने वाले जीएसटी का भुगतान खुद उसे ही करना होगा।
ऐसी स्थिति में कंपनियां उन्हीं कंपनियों से व्यापार करती हैं, जिनका जीएसटीआईएन होता है। इसका मतलब यह भी हुआ कि यदि कोई काम या डिस्ट्रीब्यूशन शुरू करते हैं तो आप कंपनियों को तब तक सामान नहीं बेच नहीं पाएंगे, जब तक आपके पास जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर नहीं होगा। ग्राहकों को सामान बेच सकते हैं, इसमें कोई परेशानी नहीं आएगी।
सैनिटाइजर, ग्लव्ज और मास्क उत्पादन पर जोर
वस्तु एवं सेवाकर विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, कोरोना आने से हैंड सैनिटाइजर, ग्लव्ज, मास्क और फेस शील्ड की डिमांड काफी बढ़ी है। इस समय अन्य उत्पादों के उत्पादन ठप पड़े हैं या नाम मात्र के हो रहे हैं। ऐसे में लोगों ने उन उत्पाद की ओर से कदम बढ़ाया है, जिसकी ज्यादा डिमांड थी।
जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर लेने वाले ज्यादा लोगों ने सैनिटाइजर, ग्लव्ज, मास्क और फेस शील्ड का बिजनेस शुरू किया है। इससे यह भी फायदा होगा कि ये लोग दूसरे लोगों को रोजगार भी दे सकेंगे।