कोरोना लॉकडाउन में हरियाणा और पंजाब के बीच शराब की तस्करी अफसरों की शह पर हुई। शराब घोटाले की तह तक जाने के लिए गठित विशेष जांच दल ने रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है।
एसईटी ने आबकारी एवं कराधान व पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
रिपोर्ट अनुसार अगर दोनों विभाग पूरी ईमानदारी के साथ अपना काम करते तो यह घोटाला होता ही नहीं। दोनों विभागों के अधिकारियों के शराब माफिया के साथ गठजोड़ के कारण ही तस्करी का नेक्सस फलाफूला। 2011-12 के बाद आबकारी विभाग ने अपनी हिदायतें हो लागू नहीं की। सिस्टम की कमियों व अफसरों की लापरवाही से शराब तस्करी को बढ़ावा मिला।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में 12 अहम सिफारिशें की हैं। जिनमें शराब तस्करी व अवैध शराब बरामदगी के केसों को दो महीने के भीतर सुलझाने और केसों का निपटारा कर 31 दिसंबर 2020 तक तस्करी में पकड़ी गई सारी अवैध शराब को नष्ट करने की बात भी शामिल है।