इसके बाद दो से पांच जुलाई तक पहली काउंसिलिंग होगी। आठ जुलाई को पहली काउंसिलिंग की मेरिट सूची के तहत कॉलेज अलॉट किए जाएंगे। सीटें खाली रहने की सूरत में दूसरी काउंसिलिंग की जाएगी। जुलाई के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है। काउंसिलिंग के लिए 5000 रुपये शुल्क चुकाना होगा।
इस बार नियम में हुआ है बदलाव
पंजाब सरकार के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की ओर से देश के सभी प्रदेशों के विद्यार्थियों के लिए पंजाब में प्रवेश के रास्ते खोल दिए हैं। 06 जून को जारी नोटिफिकेशन में 10वीं पंजाब से करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।
नोटिफिकेशन के पेज नंबर 13 के पहले प्वाइंट में स्पष्ट किया है कि कोई भी अभ्यर्थी पंजाब में कभी भी पांच साल रहा हो अथवा उसने मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट देने से पहले लगातार दो साल पंजाब के स्कूल में 11वीं व 12वीं की पढ़ाई की हो, तो वह पंजाब के मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने की योग्यता रखते हैं।
बता दें कि 85 प्रतिशत सीटें राज्य सरकार के नियमों के आधार पर भरी जाती हैं। शेष 15 प्रतिशत सीटें सेंट्रल पूल के तहत ओपन रहती हैं, जिसमें बाहरी राज्य का कोई भी बच्चा योग्यता के आधार पर प्रवेश पा सकता है।