सीएचबी ने अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम (एआरएचसी) और स्मॉल फ्लैट्स निवासियों के लिए अकाउंट स्टेटमेंट यानी खाता विवरण की सुविधा शुरू की है। इसमें लोग देख सकते हैं कि अब तक उन्होंने कब-कब और कितना किराया जमा किया है। इस सुविधा में कई तरह की खामी है, जिसे अभी तक दूर नहीं किया गया है।
स्मॉल फ्लैट्स में रहने वाले बहुत से लोगों ने जब वेबसाइट की जानकारी और उनके पास पड़ी पुरानी रसीदों को मिलाया तो पाया कि खाता विवरण से कुछ भुगतान गायब है, जबकि उसी भुगतान की रसीद लोगों के पास है। यही नहीं, बोर्ड ने ऐसे लोगों को रेंट डिफॉल्टर की सूची में डाल रखा है। ऐसे लोगों की संख्या हजारों में है। कुछ महीने पहले भी लोगों की तरफ से इस बारे में आवाज उठाई गई थी, लेकिन अभी तक बहुत से लोगों की सभी पर्चियां बोर्ड की वेबसाइट पर अपडेट नहीं हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
किराया न जमा कराने पर जो 12 प्रतिशत का ब्याज वसूला जा रहा है, यह लॉकडाउन से पहले की राशि है। हजारों लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कई साल से किराया नहीं जमा कराया है। हालांकि, लॉकडाउन के दौरान के किराए पर लगने वाले ब्याज में राहत दी जा सकती है या नहीं, यह चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक फैसला लिया जाएगा। -यशपाल गर्ग, सीईओ, सीएचबी