विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की साजिश के आरोपी और सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने झटका देते हुए अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही सुरक्षा की मांग वाली याचिका का निपटारा करते हुए एयरपोर्ट से पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने तक सुरक्षा उपलब्ध करवाने का आदेश दिया है।
पहली याचिका में शगनप्रीत ने पिछले साल हुई विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी। इस मामले में शगनप्रीत पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। शगनप्रीत ने इस याचिका में कहा था कि वह मामले की जांच में शामिल होने के लिए तैयार है, ऐसे में उसे अग्रिम जमानत दी जाए।
अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यह संगीन मामला है और हिरासत में जांच बेहद जरूरी है। शगनप्रीत सिंह ने दूसरी याचिका में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से खतरा बताते हुए सुरक्षा दिए जाने की मांग की थी। याचिका में कहा था कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई है।
अब ये दोनों उसकी भी हत्या भी करवा सकते हैं। याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि हिरासत में लिए जाने के बाद उसे अलग से सुरक्षा कैसे दी जा सकती है। कोर्ट ने कहा वह अगर भारत आता है तो भारत के किसी भी एयरपोर्ट से पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने तक उसे सुरक्षा दी जा सकती है।
गैंगवार पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता
शगनप्रीत की याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने क्षेत्र में चल रही गैंगवार पर अपनी चिंता जताते हुए कहा कि यह क्षेत्र के लिए बेहद घातक है। गिरोहों के बीच की जंग को रोकना और साजिशों को बेनकाब करना बेहद जरूरी है। आरोपी से हिरासत में पूछताछ की स्थिति में कई खुलासे हो सकते हैं।