पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने जेल में बंद नशा तस्करों के साथ मिलीभगत से प्रदेश में ड्रग्स का नेटवर्क ऑपरेट कर रहे ड्रग इंस्पेक्टर शिशान मित्तल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के ठिकानों पर एएनटीएफ ने रेड कर 1.49 करोड़ रुपये कैश, 260 ग्राम सोना और 515 दिरहम विदेशी मुद्रा बरामद की है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि एएनटीएफ को कई ऐसे इनपुट मिले हैं, जिसमें यह साबित होता है कि आरोपी इंस्पेक्टर जेल में बंद तस्करों के अलावा प्रदेश की कई फार्मास्यूटिकल कंपनी और केमिस्ट संचालकों के साथ मिलकर इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। ऐसे करीब 10 फार्मास्यूटिकल कंपनी और केमिस्ट संचालकाें से जुड़े इनपुट मिले हैं, जिनकी छानबीन के बाद टीम आगे की कार्रवाई करेगी। डीजीपी ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर शिशान मित्तल ने नशा तस्करी के जरिये 24 बैंक खातों में करीब 7.09 करोड़ रुपये जमा किए थे, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है। डीजीपी ने बताया कि तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर विशेष डीजीपी कुलदीप सिंह की अगुवाई वाली एएनटीएफ की पुलिस टीमों ने एरोसिटी, एसएएस नगर से ड्रग इंस्पेक्टर शिशान मित्तल को काबू किया है।
एक्स इंडिया लीव पर कई बार विदेश गया
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर जेल में बंद नशा तस्करों के लगातार संपर्क में था। बाहर रहकर उनके नशा तस्करी के नेटवर्क को बेखौफ चला रहा था। वह कई बार बिना सरकारी अनुमति लिए या एक्स-इंडिया लीव लिए विदेश भी जा चुका था।
जीरकपुर में दो करोड़ का फ्लैट व अन्य प्रॉपर्टी
विशेष डीजीपी कुलदीप सिंह ने बताया कि एएनटीएफ ने आरोपी की ड्रग मनी से बनाई संपत्तियों की भी पहचान की है, जिनमें जीरकपुर में 2 करोड़ रुपये का फ्लैट, डबवाली में 40 लाख रुपये का प्लॉट और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। इन प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड रेवेन्यू डिपार्टमेंट को भेजकर जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एएनटीएफ ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में विभिन्न स्थानों पर मारे गए छापों के दौरान भारी मात्रा में नकदी और विदेशी मुद्रा जब्त की है। आरोपी के दो बैंक लॉकर भी सीज किए गए हैं।