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अमर उजाला के हरियाणा MSME कॉन्कलेव-2016 की घोषणा

Fri, 15 Jan 2016 01:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के माइक्रो, स्माल और मीडियम उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए अमर उजाला ने एमएसएमई कॉन्कलेव-2016 की घोषणा की है।
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कॉन्कलेव के तहत प्रदेश की माइक्रो, स्माल और मीडियम औद्योगिक इकाइयों पर विस्तार से विमर्श होगा और 11 श्रेणियों में पुरस्कार भी दिए जाएंगे। इसके अलावा पांच विशेष श्रेणियों के पुरस्कार भी हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर 19 फरवरी को इन्हें पुरस्कृत करेंगे।

ये पांच स्पेशल अवार्ड भी होंगे
1. मोस्ट इनोवेटिव एमएसएमई
2. मोस्ट टेक्नोसेवी एमएसएमई
3. वुमन इंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर
4. बेस्ट एमएसएमई फार सीएसआर
5. बेस्ट ग्रीन एमएसएमई

देखिए, इन 11 क्षेणियों में मिलेगा अवार्ड, यहां भेजिए एंट्री
अमर उजाला ने प्रदेश की इन उद्यमशील प्रतिभाओं को आप सबसे रूबरू कराने का बीड़ा उठाया है ताकि युवा इनसे प्रेरणा ले सकें। इसके साथ ही हरियाणा के लघु एवं मध्यम उद्योगों के उल्लेखनीय कार्य को रेखांकित करने और उसे पुरस्कृत करने के लिए ही अमर उजाला का आयोजन है एमएसएमई कान्क्लेव-2016।
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इसके लिए हमने लघु एवं मध्यम उद्योगों के 11 वर्गों की पहचान की है। पांच विशेष पुरस्कार भी दिए जाएंगे। पुरस्कार का उद्देश्य उन लघु एवं मध्यम उद्योगों की पहचान करना है, जिन्होंने समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान किया है।

इस पुरस्कार का उद्देश्य उन लघु एवं मध्यम उद्यमियों को बढ़ावा देना है, जिन्होंने ग्लोबल लेवल की लीडरशिप, व्यापार कुशाग्रता, शानदार तरीके और बड़े विजन के जरिए इस उद्यम क्षेत्र में आने वाले अन्य लोगों के लिए एक विरासत तैयार की है। इसके लिए उद्यमी आज से ही हमारी वेबसाइट पर अपनी एंट्री भेज सकते हैं।  इन वर्गों में एंट्री भेजी जा सकती है-

1. लाइट इंजीनियरिंग
फरीदाबाद, गुड़गांव और कैथल की करीब एक हजार लघु और मध्यम इकाइयां इलेक्ट्रोप्लेटिंग, ट्यूबवैल और कृषि यंत्रों के निर्माण करती हैं। इलेक्ट्रिक हार्डवेयर और डाई कास्टिंग इकाइयां भी हरियाणा में अलग पहचान रखती हैं। प्रदेश में लाइट इंजीनियरिंग का सालान दो हजार करोड़ से ज्यादा का व्यवसाय है।

2. ऑटो स्टील पार्ट्स
हरियाणा से कार, ट्रक, बाइक, स्कूटरों के कलपुर्जे, इंजन, चेसिस और इंटीरियर कंपोनेंट सिर्फ देश की नामी कंपनियों को ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए जाते हैं। फरीदाबाद और गुड़गांव की दस हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयां यह काम कर रही हैं। रेवाड़ी के तो गांवों में ऑटो पार्ट्स तैयार हो रहे हैं।  

3. गारमेंट्स और हैंडलूम
गुड़गांव से रेडिमेड गारमेंट्स और पानीपत से कारपेट का निर्यात दुनिया के अन्य देशों को होता है। हेंडलूम, फर्निशिंग फेब्रिक, टेरी टावेल, कंबल उद्योग, डेनिम वाशिंग एंड डाइंग के लिए लघु और मध्यम इकाइयों ने हरियाणा की देशभर में अलग पहचान बना दी है। फरीदाबाद में रेडिमेड गारमेंट्स और एंब्रायडरी का काफी काम हो रहा है। हरियाणा में तीन लाख से ज्यादा लोगों को गारमेंट्स उद्योग रोजगार दे रहा है और इससे विदेशी मुद्रा भी आ रही है।

4. लेदर एंड फुटवेयर
देश का पहला फुटवेयर पार्क बहादुरगढ़ में है। अपनी क्वालिटी से यहां के फुटवेयर उद्योग ने चीन को भी पछाड़ दिया है। करनाल को फुटवेयर का सेंट्रल हब माना जाता है। लेदर जाकेट और लेदर वियर में अंबाला की अलग पहचान है। यहां से लेदर वियर विदेशों को निर्यात होते हैं। लुघु और सूक्ष्म इकाइयों द्वारा जरूरत की चीजें तैयार करने से कई नामी कंपनियां भी बहादुरगढ़ के फुटवेयर पार्क में जमी हैं। सालाना कारोबार दस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का है।

5.मेटल वर्क
जगाधरी की पहचान बरतन उद्योग से है तो रेवाड़ी पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है। फरीदाबाद में भी मेटलवर्क की दो हजार से ज्यादा इकाइयां हैं। स्टील नगरी हिसार में भी 400 छोटी और मध्यम इकाइयां हैं। हरियाणा का मैटल उद्योग करीब एक लाख लोगों को रोजगार देता है।

6. साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स
अंबाला की साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स की करीब 2100 सूक्ष्म एवं लघु इकाइयां 23 हजार लोगों को रोजगार दे रही हैं। सालाना 800 करोड़ का कारोबार करती हैं। हरियाणा का एक अन्य जिला भिवानी ऑप्रेशन टेबल और लाइट्स बनाने के उद्योग में देश में पहले स्थान पर है।

7. टिंबर एंड वुड
यमुनानगर में करीब 300 प्लाइवुड यूनिट सालाना एक हजार करोड़ का कारोबार करती हैं। इनसे 80 हजार लोगों को रोजगार मिलता है। यमुनानगर ही सेना को एम्युनिशन बॉक्स बनाकर देता है। फरीदाबाद में वुड और फर्नीचर की 210 लघु और मध्यम इकाइयां हैं।

8. एग्रो एंड प्रोसेसिंग
कुरुक्षेत्र और करनाल का बासमति चावल यूरोप और यूएई में धूम मचाए हुए है। पानीपत का पचरंगा अचार, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और जींद की जिनिंग मिलें भी अपनी अलग पहचान रखती हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी एग्रो एंड प्रोसेसिंग की सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयां चला रहे उद्यमी इस केटेगरी में अपनी एंट्री भेज सकते हैं।

9. कैमिकल एंड फर्मा
भिवानी में प्लास्टिक दाना तैयार होता है। यहां से यह दिल्ली और गुजरात में भेजा जाता है। पंचकूला में कैमिकल एंड फर्मा की 20 लघु एवं मध्यम इकाइयां हैं। इसके अलावा पूरे हरियाणा में कई जगह लघु और मध्यम यूनिटें लगी हैं।

10. स्टार्ट अप
हरियाणा में ऐसे उद्यमियों की कमी नहीं जिन्होंने बड़ी ही छोटी राशि से अपना बिजनेस शुरू किया। हर साल कुछ युवा ऐसी शुरुआत करते हैं। हाल ही के वर्षों में जिन्होंने ऐसी शुरुआत की है, वे अपनी एंट्री भेज सकते हैं।
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11. अन्य
उपरोक्त नौ वर्ग हरियाणा के उन प्रमुख उद्योगों के थे जिनमें बड़ी संख्या में लघु और मध्यम इकाइयां उत्पादन कर रही हैं। इनके अलावा भी बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें लघु और मध्यम उद्यमी खुद को न सिर्फ साबित कर रहे हैं, बल्कि तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और अन्य के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। ऐसे उद्यमी इस वर्ग में अपनी एंट्री भेज सकते हैं।
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